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दाभोलकर हत्याकांड में आरोपी सचिन अंदुरे को हाई कोर्ट से राहत, उम्रकैद की सजा पर रोक

मुंबई। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तर्कवादी और सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के मामले में आरोपी सचिन अंदुरे को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने सचिन अंदुरे को जमानत दे दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत की ओर से वर्ष 2024 में सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर भी रोक लगा दी है।
यह आदेश बॉम्बे हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने पारित किया। बेंच में जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस रंजीता सिन्हा भोसले शामिल थीं। कोर्ट के इस फैसले के बाद सचिन अंदुरे के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
दाभोलकर हत्या मामले में मिली राहत
नरेंद्र दाभोलकर की हत्या का मामला महाराष्ट्र के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। दाभोलकर की हत्या अगस्त 2013 में पुणे में गोली मारकर कर दी गई थी। वह अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते थे।
मामले की लंबी जांच और सुनवाई के बाद निचली अदालत ने वर्ष 2024 में सचिन अंदुरे समेत आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत प्रदान की और निचली अदालत के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी।
सह-आरोपी शरद कलास्कर को पहले मिली थी जमानत
इस मामले में एक अन्य आरोपी शरद कलास्कर को भी राहत मिल चुकी है। इसी साल अप्रैल में जस्टिस अजय गडकरी की अध्यक्षता वाली हाई कोर्ट की बेंच ने शरद कलास्कर को जमानत दी थी।
इसके बाद सचिन अंदुरे की ओर से भी जमानत के लिए आवेदन किया गया था। अदालत ने मामले के तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद उन्हें राहत देने का फैसला किया।
पहले भी मिल चुकी थी जमानत
सचिन अंदुरे को विचारक गोविंद पानसरे की हत्या के मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी। हालांकि, नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में जमानत नहीं मिलने के कारण वह जेल में ही थे।
अब दाभोलकर हत्याकांड में भी जमानत मिलने के बाद उनके जेल से रिहा होने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, रिहाई की प्रक्रिया अदालत के आदेश और कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही होगी।
कोर्ट के फैसले का महत्व
हाई कोर्ट का यह फैसला इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्रकैद की सजा पर रोक लगने के बाद अब मामले की अपील पर आगे सुनवाई जारी रहेगी।
अदालत ने फिलहाल आरोपी को जमानत देकर राहत दी है, लेकिन इससे निचली अदालत के अंतिम फैसले को पूरी तरह रद्द नहीं किया गया है। अपील की सुनवाई के दौरान मामले के सभी पहलुओं पर दोबारा विचार किया जाएगा।
दाभोलकर हत्या मामला रहा सुर्खियों में
नरेंद्र दाभोलकर की हत्या ने पूरे देश में बहस छेड़ दी थी। वह महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक थे और अंधविश्वास के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे थे।
उनकी हत्या के बाद महाराष्ट्र समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और आरोपियों को सजा दिलाने की मांग उठी थी। जांच एजेंसियों ने कई लोगों को आरोपी बनाया और लंबे समय तक मामले की सुनवाई चली।
कानूनी लड़ाई जारी रहेगी
सचिन अंदुरे को मिली जमानत के बाद भी यह मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के बीच कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
हाई कोर्ट में अब इस मामले की अपील पर सुनवाई होगी, जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है।
फिलहाल बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद सचिन अंदुरे के लिए बड़ी राहत आई है। वहीं, दाभोलकर हत्या मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।





