महाराष्ट्र

मुंबई को राहत, जलाशयों में पानी 50% पार

Kavita2
18 July 2026 11:00 AM IST
मुंबई को राहत, जलाशयों में पानी 50% पार
x

मुंबई : मॉनसून की लगातार बारिश के बीच मुंबई के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शहर में पानी की सप्लाई की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और इस मॉनसून में पहली बार मुंबई के सातों प्रमुख जलाशयों में पानी का कुल भंडार 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के अनुसार, 18 जुलाई की सुबह तक जलाशयों में पानी का स्तर संतोषजनक स्थिति में पहुंच गया है।

बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक, 18 जुलाई को सुबह 6 बजे तक मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले सात जलाशयों में कुल 7,34,891 मिलियन लीटर (ML) पानी जमा था। यह इन जलाशयों की कुल क्षमता का 50.77 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में जल भंडार में करीब 0.98 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मुंबई में पानी की आपूर्ति के लिए मुख्य रूप से सात जलाशयों पर निर्भरता है। इनमें मोदक सागर, तानसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी जलाशय शामिल हैं। इन जलाशयों में कैचमेंट एरिया में हुई लगातार बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस साल मॉनसून की शुरुआत के बाद अब तक जलाशयों में पानी की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही थी। जुलाई के मध्य तक बारिश की रफ्तार बढ़ने के बाद जल भंडारण में तेजी आई है। इससे मुंबई में आने वाले महीनों में जल आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई है।

प्रमुख जलाशयों की स्थिति पर नजर डालें तो मोदक सागर में लाइव स्टोरेज 77.44 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं, तानसा जलाशय में 80.41 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। इन दोनों जलाशयों में पानी का स्तर अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है और शहर की जल जरूरतों को पूरा करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

इसके अलावा अपर वैतरणा जलाशय में 30.66 प्रतिशत पानी जमा है। मिडिल वैतरणा में जल भंडारण 45.47 प्रतिशत दर्ज किया गया है। मुंबई को सबसे अधिक पानी उपलब्ध कराने वाले भातसा जलाशय में उपयोगी स्टोरेज क्षमता का 45.35 प्रतिशत पानी मौजूद है।

भातसा जलाशय मुंबई की जल आपूर्ति व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। शहर की बड़ी आबादी को पानी उपलब्ध कराने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में भातसा सहित अन्य जलाशयों में बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए राहत की बात है।

बीएमसी हर साल मॉनसून के दौरान जलाशयों में पानी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखती है। बारिश की मात्रा, जल संग्रहण और शहर की जरूरतों के आधार पर पानी की आपूर्ति की योजना बनाई जाती है। पिछले कुछ महीनों में जल भंडार कम होने के कारण प्रशासन को पानी की उपलब्धता को लेकर सावधानी बरतनी पड़ रही थी।

मॉनसून से पहले मुंबई में जल संकट की आशंका को देखते हुए बीएमसी ने पानी के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की अपील की थी। हालांकि, अब जलाशयों में तेजी से बढ़ रहे पानी के स्तर के कारण शहर में जल कटौती की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।

बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि कैचमेंट क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रहती है तो जलाशयों का स्तर और बेहतर हो सकता है। इससे मुंबई की पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और गर्मी के अगले सीजन के लिए भी पर्याप्त जल भंडारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुंबई में हर साल मॉनसून के दौरान जलाशयों का भरना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही पानी पूरे साल शहर की करोड़ों आबादी की जरूरतों को पूरा करता है। सामान्य से कम बारिश होने की स्थिति में जल संकट की संभावना बढ़ जाती है, जबकि अच्छी बारिश शहर के लिए बड़ी राहत लेकर आती है।

इस बार जुलाई के मध्य तक जलाशयों में 50 प्रतिशत से अधिक पानी जमा होना प्रशासन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि, बीएमसी ने अभी भी नागरिकों से पानी की बचत करने और इसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील जारी रखी है।

कुल मिलाकर, लगातार बारिश ने मुंबई की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती दी है। सातों प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर 50 प्रतिशत से ऊपर पहुंचने के बाद शहर को आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है।

Next Story