- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- रमाई आवास योजना: पहली...

छत्रपति संभाजीनगर। जिले के प्रभारी मंत्री संजय शिरसाट ने गुरुवार को रमाई आवास योजना के लाभार्थियों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत घर निर्माण के लिए दी जाने वाली पहली किश्त की राशि अब बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। इससे पहले लाभार्थियों को पहली किश्त के रूप में 25 हजार रुपये दिए जाते थे।
यह घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में की गई। सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग और छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मंत्री अतुल सावे और प्रभारी मंत्री संजय शिरसाट ने लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से सहायता राशि वितरित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय शिरसाट ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि रमाई आवास योजना के तहत दिए जाने वाली पहली किश्त में बढ़ोतरी का फैसला लाभार्थियों की परेशानियों को देखते हुए लिया गया है।
उन्होंने बताया कि पहले मिलने वाली 25 हजार रुपये की राशि से कई लाभार्थियों को मकान निर्माण का काम शुरू करने में कठिनाई होती थी। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों और शुरुआती खर्च को देखते हुए सरकार ने पहली किश्त को दोगुना करने का निर्णय लिया है। अब लाभार्थियों को शुरुआती चरण में 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी, जिससे वे निर्माण कार्य को तेजी से शुरू कर सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि आवास केवल रहने की जगह नहीं बल्कि परिवारों के लिए सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक होता है। सरकार की कोशिश है कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उन्हें अपना पक्का घर बनाने में सहायता मिल सके।
रमाई आवास योजना सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से सहायता राशि दी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री अतुल सावे ने भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आवास जैसी मूलभूत जरूरत को पूरा करने के लिए प्रशासन और स्थानीय निकायों को मिलकर काम करना चाहिए।
छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम और सामाजिक न्याय विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी और अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत पात्र लोगों की पहचान और सहायता वितरण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार के इस फैसले से जिले के उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से मकान निर्माण का काम शुरू नहीं कर पा रहे थे। पहली किश्त की राशि बढ़ने से निर्माण की शुरुआती जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी और लाभार्थियों को समय पर अपना घर तैयार करने में सुविधा होगी।
मंत्री शिरसाट ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता रखी जाए और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के लाभ उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी जरूरत के अनुसार योजनाओं में बदलाव किए जाएंगे, ताकि आम लोगों को अधिक प्रभावी तरीके से सहायता मिल सके।
रमाई आवास योजना की पहली किश्त में वृद्धि को लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस बदलाव से आवास निर्माण की गति बढ़ेगी और अधिक परिवार अपने पक्के घर का सपना पूरा कर सकेंगे।





