महाराष्ट्र

राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम का विपक्ष पर हमला

jantaserishta.com
1 Nov 2025 9:48 PM IST
राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम का विपक्ष पर हमला
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Nasik नासिक: राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने शनिवार को महाराष्ट्र में विपक्ष द्वारा उठाए गए "डबल वोटर एंट्री" विवाद को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों को समझे इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। नासिक में मीडिया से बातचीत के दौरान उज्ज्वल निकम ने कहा, “विपक्ष जिस आधार पर आज महाराष्ट्र में हंगामा कर रहा है, उसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है। वे कह रहे हैं कि वोटर लिस्ट में ‘डबल एंट्री’ हैं, लेकिन सवाल यह है कि ये डबल एंट्री हुई कैसे? यह कई बार होता है कि कोई मतदाता एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो जाता है, लेकिन पुराना नाम हटाने की प्रक्रिया तुरंत नहीं होती।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची को अपडेट करने की एक सांविधानिक और तकनीकी प्रक्रिया होती है। यदि कोई मतदाता अपना निवास स्थान बदलता है और दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में नाम जुड़वाता है, तो उसका पुराना नाम हटाने के लिए आवेदन आवश्यक होता है। कई बार लोग यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते, जिससे तकनीकी रूप से एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज रह सकता है।निकम ने कहा, “यह कोई अपराध नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक प्रक्रिया का विलंब है। विपक्ष इसे जानबूझकर घोटाले की तरह प्रस्तुत कर रहा है ताकि जनता में भ्रम फैलाया जा सके।” उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग लगातार मतदाता सूची को अद्यतन करता है और हर वर्ष विशेष संशोधन अभियान के दौरान ऐसी त्रुटियों को सुधारा जाता है।
राज्यसभा सांसद ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे चुनावी माहौल में जनता को भड़काने और सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की रणनीति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग एक निष्पक्ष और स्वायत्त संस्था है। उसे बदनाम करने की कोशिश लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। विपक्ष को तथ्यों पर आधारित राजनीति करनी चाहिए, न कि अफवाहों पर। निकम ने कहा कि महाराष्ट्र में विपक्ष के कई नेता बिना किसी प्रमाण के ‘डबल वोटिंग’ का मुद्दा उठाकर जनभावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर किसी के पास वास्तविक सबूत हैं, तो वे चुनाव आयोग को दें, कोर्ट में पेश करें। सिर्फ मीडिया में बयानबाजी करना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी से भागने के समान है।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार और निर्वाचन आयोग ने पहले भी मतदाता सूची में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे कि ऑनलाइन सत्यापन, आधार लिंकिंग, और फोटो-आधारित मिलान प्रक्रिया। इसके बावजूद कुछ मामलों में डेटा अपडेट होने में समय लगता है, जिसे अब गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। निकम ने विपक्ष से अपील की कि वे जनता में भ्रम फैलाने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बनाए रखें। उन्होंने कहा कि “भारत का चुनाव आयोग दुनिया के सबसे पारदर्शी और भरोसेमंद संस्थानों में से एक है। विपक्ष को अपनी राजनीति इससे ऊपर रखनी चाहिए।”
इस बीच, महाराष्ट्र में विपक्षी दलों—विशेषकर कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और एनसीपी (शरद पवार गुट)—ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में लाखों “डबल एंट्री” हैं, जो सत्ता पक्ष को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए की गईं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उज्ज्वल निकम का यह बयान भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों का आधिकारिक जवाब माना जा सकता है, जो आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर छिड़ी बहस को और तेज कर सकता है।
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