महाराष्ट्र

Kalyan स्टेशन केस में राज ठाकरे बरी, कोर्ट ने कहा—उकसावे का सबूत नहीं मिला

Kavita2
24 May 2026 2:33 PM IST
Kalyan स्टेशन केस में राज ठाकरे बरी, कोर्ट ने कहा—उकसावे का सबूत नहीं मिला
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Maharashtra महाराष्ट्र: 2008 में कल्याण रेलवे स्टेशन पर रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड के परीक्षकों पर कथित हमले के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे को ठाणे की एक अदालत ने बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा कि राज ठाकरे घटना स्थल पर मौजूद थे या उन्होंने किसी तरह से भीड़ को हमले के लिए उकसाया था।

यह मामला 21 मई को दिए गए अदालत के आदेश में स्पष्ट किया गया, जिसकी प्रति रविवार को उपलब्ध कराई गई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि कथित भाषण की जिस सीडी को सबूत के तौर पर पेश किया जाना था, उसे न तो अदालत में प्रस्तुत किया गया और न ही उसे विधिवत प्रमाणित किया गया। जांच अधिकारी के अनुसार, यह सीडी वर्षों तक पुलिस स्टेशन में बिना उपयोग के पड़ी रही और 2013 से 2026 के बीच “धूल फांकती” रही, जिससे उसका कोई प्रमाणिक मूल्य नहीं रह गया।

अदालत ने यह भी माना कि मामले में पेश किए गए गवाहों के बयान यह साबित नहीं करते कि हमला किसी संगठित उकसावे का परिणाम था। क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान यह संभावना भी सामने आई कि गवाहों को लगी चोटें भारी भीड़ में हुई अफरा-तफरी और भगदड़ के कारण हो सकती हैं।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केवल आरोपों या अनुमान के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि उसके खिलाफ ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य मौजूद न हों।

इस फैसले के साथ लंबे समय से चल रहे इस मामले में राज ठाकरे और अन्य आरोपियों को राहत मिल गई है। मामले में शामिल अन्य लोगों पर लगे आरोप भी पर्याप्त सबूतों के अभाव में साबित नहीं हो सके।

फैसले के बाद कानूनी हलकों में इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि पुराने मामलों में डिजिटल और भौतिक सबूतों के संरक्षण में खामियां न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

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