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Maharashtra महाराष्ट्र: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस वीडियो में दो पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर एक गैर-कानूनी धंधे से जुड़े व्यक्ति से पैसे लेते हुए देखा गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मिलिंद मोहिते ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों की पहचान असिस्टेंट पुलिस सब-इंस्पेक्टर बापूसाहेब किसनराव खुटवाड़ और पुलिस हवलदार अमोल प्रकाश पवार के रूप में हुई है। दोनों अधिकारी सहकारनगर पुलिस स्टेशन से जुड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि यह मामला तब सामने आया जब मार्च महीने में एक वीडियो इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ।
वायरल वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी पार्वती दर्शन इलाके के रहने वाले अभिजीत मारुति गायकवाड़ (36) से कथित तौर पर पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना सार्वजनिक स्थान पर हुई थी, जिसके कारण इस पर सवाल उठे और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई।
सूत्रों के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई। जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मिलिंद मोहिते ने कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी का अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों से सीधे संपर्क रखना और पैसे का लेन-देन करना गंभीर अनुशासनहीनता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से पुलिस बल की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है और जनता का भरोसा कमजोर होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो के सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैलने के बाद पुलिस विभाग की सार्वजनिक छवि को और नुकसान पहुंचा है, जिसे गंभीरता से लिया गया है। इसी आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।
फिलहाल इस मामले में विभागीय जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम की गहन समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में आरोप साबित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इस घटना के बाद विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।





