महाराष्ट्र

पुणे को 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात

Kavita2
3 Nov 2026 4:27 PM IST
पुणे को 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात
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नई दिल्ली/पुणे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र के पुणे शहर को बड़ी सौगात देते हुए लगभग 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मेट्रो नेटवर्क के दूसरे चरण की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत में मेट्रो कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। देश में मेट्रो नेटवर्क अब लगभग 1,200 किलोमीटर तक पहुंच चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था किसी भी शहर के विकास की मजबूत नींव होती है। बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से लोगों का समय बचता है, यातायात का दबाव कम होता है और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलती है। उन्होंने कहा कि पुणे जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए मेट्रो परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश के मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। आज भारत के 26 शहरों में करीब 1,200 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है। प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का मेट्रो नेटवर्क अब दुनिया के तीन सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल है।

पुणे मेट्रो लाइन-3 को पिंक लाइन के नाम से भी जाना जाता है। लगभग 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर मान और हिंजवडी आईटी हब को शिवाजीनगर क्षेत्र से जोड़ता है। इस परियोजना के निर्माण पर 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। नई मेट्रो लाइन शुरू होने से शहर के प्रमुख आईटी केंद्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

हिंजवडी पुणे का प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के कार्यालय स्थित हैं। इस क्षेत्र में रोजाना हजारों कर्मचारी काम के लिए आते-जाते हैं। व्यस्त समय के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे लोगों को लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। नई मेट्रो लाइन से लोगों को सड़क परिवहन का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।

इस कॉरिडोर पर यात्रियों के लिए नियमित मेट्रो सेवाएं बुधवार, 4 नवंबर से शुरू होने की घोषणा की गई है। इससे यात्रियों को निर्धारित समय पर अपने कार्यालय, शिक्षण संस्थान और अन्य गंतव्यों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पुणे आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल, स्टार्टअप और विनिर्माण क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां रोजगार और व्यवसाय के लगातार नए अवसर पैदा हो रहे हैं। ऐसे में परिवहन सुविधाओं का विस्तार शहर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने याद दिलाया कि करीब दस वर्ष पहले उन्होंने पुणे मेट्रो के पहले चरण की आधारशिला रखी थी। आज उसका विस्तार होते देखना शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई परियोजनाएं पुणे के पुराने इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे नए आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इस चरण में लगभग 13,500 करोड़ रुपये की लागत से चार नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इनमें लाइन 2ए, लाइन 2बी, लाइन 4 और लाइन 4ए शामिल हैं।

योजना के अनुसार, लाइन 2ए वनाज से चांदनी चौक तक और लाइन 2बी रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी तक जाएगी। वहीं, लाइन 4 खराड़ी से खड़कवासला को जोड़ेगी, जबकि लाइन 4ए नल स्टॉप से माणिक बाग तक विकसित की जाएगी।

इन परियोजनाओं से खराड़ी, मगरपट्टा, हडपसर, स्वारगेट, वारजे, पुणे कैंटोनमेंट और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मजबूत होगी। नए मेट्रो कॉरिडोर को मौजूदा मेट्रो नेटवर्क और बस सेवाओं से जोड़ने की भी योजना है। इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच बदलाव करने में आसानी होगी।

पुणे मेट्रो लाइन-3 की एक विशेष बात यह भी है कि इसके संचालन में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस कॉरिडोर पर मेट्रो ट्रेनों का संचालन महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा परियोजना की लगभग 30 प्रतिशत बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल भविष्य के शहरों के निर्माण के लिए आवश्यक है। मेट्रो जैसी सुविधाएं निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने, प्रदूषण कम करने और शहरों को अधिक रहने योग्य बनाने में मदद करती हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में राज्य में केवल 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क संचालित था, जबकि अब इसकी लंबाई लगभग 175 किलोमीटर हो चुकी है। राज्य में 680 किलोमीटर से अधिक मेट्रो नेटवर्क पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे में किया गया निवेश केवल सड़क, रेल या मेट्रो निर्माण तक सीमित नहीं रहता। इससे निर्माण श्रमिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और स्थानीय व्यवसायों को भी रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि शहरों में परिवहन सुविधाएं जितनी बेहतर होंगी, वहां आर्थिक गतिविधियां उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेंगी।

मोदी ने छोटे और मध्यम शहरों को भी विकास के प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के शहर केवल रहने के स्थान नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण इंजन हैं। इसलिए सरकार शहरी परिवहन, आधुनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि पुणे की नई मेट्रो परियोजनाओं से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, लोगों का सफर आसान बनेगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था का विस्तार बेहद जरूरी है।

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