महाराष्ट्र

Pune : मावल में लैंडस्लाइड से बड़ा हादसा, एक की मौत, दो लापता

Kavita2
6 July 2026 2:27 PM IST
Pune : मावल में लैंडस्लाइड से बड़ा हादसा, एक की मौत, दो लापता
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Maharashtra महाराष्ट्र: पुणे जिले के मावल तहसील में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां लगातार भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में एक घर मलबे के नीचे दब गया। यह घटना पाटन गांव में लोहागढ़ किला के पास हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्र में अचानक मिट्टी खिसक गई और एक पूरा हिस्सा नीचे बसे घर पर गिर पड़ा। उस समय एक ही परिवार के तीन सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। मलबे का ढेर इतना बड़ा था कि पूरा घर पूरी तरह दब गया और किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। राहत एवं बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम भी शामिल हुई। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से एक व्यक्ति का शव बरामद किया, जबकि बाकी दो लोगों की तलाश लगातार जारी है।

NDRF के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि मलबे से एक शव निकाल लिया गया है और अन्य दो लोगों को खोजने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। भारी मलबा और लगातार हो रही बारिश बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बन रही है, जिसके कारण ऑपरेशन में देरी भी हो रही है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह घटना क्षेत्र में हुई कई लैंडस्लाइड घटनाओं में से एक है। लोनावाला डिवीजन के पुलिस उपाधीक्षक गजानन टोम्पे ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब लगातार कई घंटों से तेज बारिश हो रही थी और पहाड़ी इलाकों में मिट्टी अस्थिर हो चुकी थी।

उन्होंने यह भी बताया कि इसी दौरान आसपास के क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं दर्ज की गईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। कई ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए।

प्रशासन ने प्रभावित इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित जगहों से दूर रहें। साथ ही, मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

रेस्क्यू टीमों को मलबा हटाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि लगातार बारिश के कारण मिट्टी फिर से खिसकने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद राहत कर्मी पूरी सावधानी के साथ खोज अभियान चला रहे हैं ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही थी, लेकिन इस तरह का भूस्खलन अचानक हुआ, जिससे किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कई घरों के आसपास भी दरारें देखी गई हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी घाट के इस इलाके में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है, खासकर उन स्थानों पर जहां ढलान अधिक होती है और मिट्टी कमजोर होती है। ऐसे में समय रहते चेतावनी और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण बेहद जरूरी होता है।

प्रशासन ने बचाव कार्य को तेज करने के लिए अतिरिक्त टीमों को भी मौके पर भेजा है। साथ ही, मेडिकल टीम को भी तैयार रखा गया है ताकि किसी भी जीवित व्यक्ति के मिलने पर तुरंत उपचार दिया जा सके।

यह हादसा एक बार फिर से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और बेहतर आपदा प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करता है। भारी बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन की पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जा सके। पूरे क्षेत्र में अभी भी तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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