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पुणे: पानी कनेक्शन में अवैध वसूली पर विवाद, PMC ने चार्ज और प्रक्रिया को लेकर दी सफाई

Maharashtra महाराष्ट्र: पुणे के मोहम्मदवाड़ी इलाके में नए पानी के कनेक्शन को लेकर अवैध वसूली के आरोप सामने आने के बाद पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) ने स्थिति स्पष्ट की है। स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि लाइसेंस प्राप्त प्लंबर नए पानी कनेक्शन के लिए ₹50,000 तक की मांग कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
इन शिकायतों के बाद PMC के जल आपूर्ति विभाग ने नए पानी कनेक्शन से जुड़े आधिकारिक शुल्क, प्रक्रिया और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत जानकारी जारी की है। विभाग ने साफ किया कि सभी शुल्क 16 फरवरी 2016 को पारित जनरल बॉडी रेजोल्यूशन के अनुसार निर्धारित किए गए हैं। ये शुल्क कनेक्शन के आकार, पाइप के व्यास (डायमीटर) और भवन में फ्लैटों की संख्या के आधार पर अलग-अलग होते हैं। PMC ने यह भी बताया कि सभी अधिकृत दरें पहले से ही नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
नगर निगम ने स्पष्ट किया कि नए पानी कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरी की जाती है। महाराष्ट्र म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के तहत केवल लाइसेंस प्राप्त प्लंबर के माध्यम से ही आवेदन जमा किया जा सकता है। इसके बाद जल आपूर्ति विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण (इंस्पेक्शन) किया जाता है, जिसके आधार पर कनेक्शन की अनुमति दी जाती है।
PMC ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अतिरिक्त या अनधिकृत राशि की मांग नियमों के खिलाफ है और इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक शुल्क का ही भुगतान करें और किसी भी प्रकार की अनधिकृत मांग की तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ प्लंबर और एजेंट प्रक्रिया की जानकारी का लाभ उठाकर मनमाने पैसे की मांग कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे के सामने आने के बाद अब नगर निगम की सफाई से उम्मीद है कि प्रक्रिया को लेकर अधिक पारदर्शिता आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के कारण पानी कनेक्शन की मांग बढ़ी है, और इसी वजह से कुछ जगहों पर बिचौलियों द्वारा गलत तरीके से वसूली के मामले सामने आते हैं। ऐसे में प्रशासन की भूमिका और निगरानी बेहद जरूरी हो जाती है।
PMC ने दोहराया है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल और नियमबद्ध है, और नागरिकों को केवल अधिकृत माध्यमों से ही आवेदन करना चाहिए।





