महाराष्ट्र

Pune : बारामती उपचुनाव ने पूरे देश का ध्यान खींचा, पवार परिवार चुनाव में एकजुट

Kavita2
23 April 2026 1:09 PM IST
Pune : बारामती उपचुनाव ने पूरे देश का ध्यान खींचा, पवार परिवार चुनाव में एकजुट
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Maharashtra महाराष्ट्र: बारामती विधानसभा उपचुनाव के दौरान बुधवार को पवार परिवार के कई सदस्यों ने एक साथ मतदान कर राजनीतिक माहौल को और अधिक चर्चा में ला दिया। यह उपचुनाव पहले से ही हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है, जिसमें पूरे राज्य की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।

Baramati में हो रहे इस उपचुनाव में सांसद सुप्रिया सुले ने अपने परिवार के साथ मतदान किया। उनके साथ उनके पति, बेटी और सास भी मतदान केंद्र पर पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के दौरान परिवार की एकजुटता और सक्रिय भागीदारी स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

इस चुनाव में दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार भी एक प्रमुख उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं और उन्होंने भी अपने क्षेत्र में वोट डाला। मतदान के दौरान कई राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी ने इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

पवार परिवार के अन्य सदस्यों में अजित पवार और सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार और जय पवार, अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार और कर्जत जामखेड़ के विधायक रोहित पवार भी मतदान करते नजर आए। पूरे परिवार की एक साथ मौजूदगी ने इस चुनाव को एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

इस उपचुनाव को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसे लंबे समय से पवार परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र में उनके राजनीतिक वर्चस्व की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। यह सीट पहले से ही उनके गढ़ के रूप में जानी जाती रही है और यहां का चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति पर असर डाल सकता है।

Pawar Family का यह एकजुट मतदान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि परिवार इस चुनाव को पूरी गंभीरता के साथ देख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस उपचुनाव के परिणाम आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

हालांकि इस चुनाव में 20 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला सीमित रूप में ही देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि सुनेत्रा पवार को सहानुभूति लहर का लाभ मिल सकता है, जिससे मुकाबला उनके पक्ष में झुक सकता है।

मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें देखी गईं और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।

कुल मिलाकर, बारामती उपचुनाव केवल एक स्थानीय चुनाव नहीं बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति संतुलन का संकेत देने वाला महत्वपूर्ण चुनाव माना जा रहा है। अब सभी की नजरें मतगणना और उसके परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि इस क्षेत्र में पवार परिवार का प्रभाव कितना मजबूत बना रहता है।

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