महाराष्ट्र

मुंबई में CJP आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन, 600 से अधिक लोग हिरासत में; FIR दर्ज

Kavita2
12 Oct 2026 9:52 AM IST
मुंबई में CJP आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन, 600 से अधिक लोग हिरासत में; FIR दर्ज
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मुंबई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करने जा रहे 600 से अधिक लोगों को मुंबई में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नाना चौक पर रोका। इसके बाद गामदेवी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बाद में रिहा कर दिया गया है। हालांकि, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने नाना चौक के पास उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या लगभग 600 से अधिक बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 223, 126(2), 189(2), 189(3) और 189(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है।

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद यह घटनाक्रम चर्चा में आ गया है। पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया गया है, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

नाना चौक पर रोके गए प्रदर्शनकारी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, CJP के आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए लोग अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मुंबई के नाना चौक पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद गामदेवी पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की पांच धाराओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रत्येक धारा किस विशिष्ट आरोप के आधार पर लगाई गई है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन में शामिल लोगों को हिरासत में रखा गया, लेकिन बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। फिलहाल, मामला दर्ज होने के बाद कानूनी प्रक्रिया जारी है।

BNS की पांच धाराओं में मामला दर्ज

गामदेवी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 223, 126(2), 189(2), 189(3) और 189(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। ये धाराएं मामले में दर्ज एफआईआर का हिस्सा हैं। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद कानूनी कार्रवाई की गई।

हालांकि, एफआईआर दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपों और परिस्थितियों की जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय होगी।

उपलब्ध जानकारी में यह भी नहीं बताया गया है कि सभी प्रदर्शनकारियों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं या किन लोगों के खिलाफ अलग-अलग आरोप तय किए गए हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

हिरासत में लिए गए सभी लोग रिहा

पुलिस के मुताबिक, मुंबई में हिरासत में लिए गए लगभग 600 प्रदर्शनकारियों को अब रिहा कर दिया गया है। फिलहाल किसी की हिरासत जारी रहने की जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, रिहाई के बावजूद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रदर्शनकारियों की रिहाई और एफआईआर दर्ज होने की प्रक्रिया अलग-अलग हैं। रिहा किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि मामला समाप्त हो गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच से जुड़े तथ्यों पर नजर रहेगी। अभी तक उपलब्ध जानकारी में किसी अदालत के आदेश या मामले के अंतिम निस्तारण का उल्लेख नहीं है।

प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर नजर

CJP के आंदोलन के समर्थन में अगस्त क्रांति मैदान की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों को नाना चौक पर हिरासत में लिए जाने की घटना मुंबई में चर्चा का विषय बन गई है। इस कार्रवाई में 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और बाद में सभी को छोड़ दिया गया।

गामदेवी पुलिस की ओर से भारतीय न्याय संहिता की पांच धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में है। फिलहाल पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी गई है।

इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह पुलिस की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। अभी तक स्पष्ट जानकारी यही है कि प्रदर्शनकारियों को नाना चौक पर रोका गया, उन्हें हिरासत में लिया गया, एफआईआर दर्ज की गई और बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

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