महाराष्ट्र

500 करोड़ की कथित डील से गरमाई सियासत जारांगे ने मांगा जवाब

Ratna Netam
24 Oct 2026 7:04 PM IST
500 करोड़ की कथित डील से गरमाई सियासत जारांगे ने मांगा जवाब
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मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल की ओर से सामने लाई गई कथित ऑडियो क्लिप को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस रिकॉर्डिंग में दावा किया गया है कि मराठा आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से मनोज जारांगे पाटिल को कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये दिए गए। ऑडियो में यह रकम शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से पहुंचाए जाने का दावा भी किया गया है। हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाजों की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।जारांगे पाटिल ने शनिवार को जालना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की।
जारांगे बोले- मराठा आंदोलन को बदनाम करने की साजिश
मनोज जारांगे पाटिल ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, वायरल ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर राजनीतिक रणनीति और आंदोलन के प्रभाव को कम करने से जुड़ी बातचीत सुनाई देती है।उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों और मराठा समुदाय से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण उन्हें निशाना क्यों बनाया जा रहा है। जारांगे ने कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि रिकॉर्डिंग किसने तैयार की, इसमें शामिल आवाजें किन लोगों की हैं और इसे सार्वजनिक करने के पीछे क्या उद्देश्य है।उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में भाजपा या शिवसेना के किसी नेता अथवा कार्यकर्ता की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
देवेंद्र फडणवीस ने दिए फॉरेंसिक जांच के आदेश
विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को वायरल ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराने की घोषणा की। जांच में रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, आवाजों की पहचान और इसके सामने आने के पीछे के कारणों की पड़ताल की जाएगी।भाजपा ने भी रिकॉर्डिंग की सत्यता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। पार्टी नेताओं ने यह पता लगाने की आवश्यकता जताई है कि ऑडियो वास्तविक है या इसे तकनीक अथवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है।इस कदम के बाद अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि वायरल रिकॉर्डिंग में छेड़छाड़ हुई है या नहीं।
एकनाथ शिंदे ने आरोपों को किया खारिज
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो भाजपा से ऐसी कोई रकम ली है और न ही जारांगे पाटिल को इस तरह का कोई भुगतान किया है।शिंदे ने जारांगे से आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने और यदि उनके पास कोई ठोस सबूत है तो उसे संबंधित अधिकारियों के सामने पेश करने को कहा। शिवसेना के कई नेताओं ने भी इस मामले को पार्टी और उसके नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश बताया है।
मराठा आरक्षण आंदोलन पर भी पड़ सकता है असर
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में है। मनोज जारांगे पाटिल इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं।कथित ऑडियो क्लिप के सामने आने से भाजपा और शिवसेना के बीच भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। हालांकि, आरोपों के आधार पर किसी नेता या दल की संलिप्तता को अभी प्रमाणित नहीं माना जा सकता।फिलहाल मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया अहम है। जांच में रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की पुष्टि होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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