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कथित गैंगस्टर बाबा फरजान के घर पुलिस की छापेमारी, कमरे से मिले करीब 5 करोड़ कैश

मुंबई : शुक्रवार रात मितमीता इलाके में पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक बड़ी रकम बरामद होने से हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि मृतक लेबर लीडर और 1990 के दशक के कथित गैंगस्टर बाबा फरजान के घर में एक व्यक्ति के पास हथियार मौजूद है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हालांकि तलाशी के दौरान पुलिस को कोई संदिग्ध हथियार नहीं मिला, लेकिन घर के एक कमरे से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान कमरे में रखे नोटों के कई बंडल मिले। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई। इसके बाद बरामद रकम की गिनती शुरू की गई, जो करीब 16 घंटे तक चली। लंबी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने बताया कि कमरे से लगभग 5 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
#WATCH | ₹5 Crore Cash, Weapons Seized From Deceased Labour Leader Baba Farjan's House In Chhatrapati Sambhajinagar
— Free Press Journal (@fpjindia) July 12, 2026
Link: https://t.co/slc0xkJ9iv #Maharashtra #IndiaNews pic.twitter.com/aDKnTbFTtu
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को शुक्रवार रात एक व्यक्ति के पास बंदूक होने की सूचना मिली थी। इस सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने मितमीता इलाके में स्थित बाबा फरजान के बंगले पर कार्रवाई की। पुलिस का मुख्य उद्देश्य कथित हथियार की तलाश करना था, लेकिन तलाशी के दौरान मामला पूरी तरह अलग दिशा में चला गया।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को एक कमरे में बड़ी संख्या में नोटों के बंडल मिले। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को बुलाया गया। बरामद नकदी की गिनती के लिए विशेष टीम लगाई गई। नोटों की संख्या अधिक होने के कारण गिनती पूरी करने में कई घंटे लग गए।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी रकम घर में किस उद्देश्य से रखी गई थी और इसका स्रोत क्या है। अधिकारियों ने नकदी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद रकम वैध है या नहीं।
बाबा फरजान का नाम 1990 के दशक में कथित आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा बताया जाता रहा है। वह स्थानीय स्तर पर लेबर यूनियन से जुड़े एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में भी जाना जाता था। हालांकि, पुलिस अब बरामद नकदी के मामले को अलग नजरिए से जांच रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल नकदी बरामद होने के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह रकम किसकी है और इसे किस उद्देश्य से रखा गया था। इसके लिए बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय जानकारी भी खंगाली जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस की इस कार्रवाई से पहले तक घर से इतनी बड़ी रकम मिलने की जानकारी किसी को नहीं थी। पुलिस ने पूरे मामले में गोपनीयता बनाए रखते हुए जांच आगे बढ़ाने की बात कही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति के घर से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने पर आय के स्रोत की जांच करना जरूरी होता है। जांच एजेंसियां आमतौर पर ऐसे मामलों में धन के लेनदेन, संपत्ति और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करती हैं।
पुलिस अब बरामद नकदी को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस रकम का किसी आपराधिक गतिविधि से संबंध है या नहीं। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल मितमीता इलाके में हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस हथियार की तलाश में पुलिस पहुंची थी, वह तो नहीं मिला, लेकिन करीब 5 करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने से जांच का दायरा बढ़ गया है। अब पुलिस का पूरा ध्यान इस बात का पता लगाने पर है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।





