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फायरिंग केस में हथियार मुहैया कराने वाले की खोज में पुलिस

मुंबई: फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच पुलिस इस मामले में प्रयोग में लाई गई पिस्तौल मुहैया कराने वाले की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इस मामले में अब तक ११ आरोपितों को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की गहन छानबीन की जा रही है।
इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि मुंबई में 18 अक्टूबर को अभिनेता टाइगर श्रॉफ फायरिंग के मामले में पुलिस हथियारों को मुहैया कराने वाले नेटवर्क की जांच की जा रही है। अब तक जांच में पता चला है कि तीन आरोपितों ने कथित तौर पर अमृतसर से 2.50 लाख रुपये में जिगाना पिस्तौल और 20 गोलियां खरीदी थीं।
जांच में सामने आया है कि कुणाल, सुमित और जतिन कथित तौर पर अनिल पंडित के कहने पर अमृतसर गए थे। तीनों ने वहां एक अज्ञात व्यक्ति से पिस्तौल और गोलियां खरीदीं तथा इसके बदले तय रकम दी थी। क्राइम ब्रांच अब हथियार सप्लाई करने वाले व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है। साथ ही, जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि हथियारों की खरीद-फरोख्त में कौन-कौन शामिल था और पिस्तौल हमलावरों तक कैसे पहुंची।
उल्लेखनीय है कि 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल मैच खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं। अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस और एक राहगीर को गोली लग गई। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने राजस्थान के कोटा से रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार को गिरफ्तार किया था। इन पर फायरिंग में शामिल होने का आरोप है। पुलिस अब हथियारों मुहैया कराने वाले नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच के दौरान और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
फिलहाल, पुलिस का मुख्य कार्य हथियारों के स्रोत का पता लगाने, मुहैया कराने वालों की पहचान करने और फायरिंग की साजिश में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने पर है। मामले में सामने आए आरोपों और कथित संबंधों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।





