महाराष्ट्र

50 मंजिला इमारत से सड़क पर गिरे पेवर ब्लॉक और सीमेंट की बोरियां, दो घायल

Kavita2
27 Sept 2026 3:28 PM IST
50 मंजिला इमारत से सड़क पर गिरे पेवर ब्लॉक और सीमेंट की बोरियां, दो घायल
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ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत में सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। व्यस्त माजीवड़ा नाका इलाके में बन रही 50 मंजिला रिहायशी इमारत ‘अशर पल्स’ की ऊपरी मंजिलों से सीमेंट की ढीली बोरियां और पेवर ब्लॉक अचानक नीचे सड़क पर आ गिरे। जिस समय निर्माण सामग्री नीचे गिरी, उस दौरान सड़क पर काफी यातायात था। हादसे में दो लोग घायल हो गए, जबकि वहां से गुजर रही पांच से छह गाड़ियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।

घायलों में एक डॉक्टर भी शामिल हैं, जो घटना के समय चौराहे से गुजर रहे थे। अचानक ऊपर से निर्माण सामग्री गिरने के कारण वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। व्यस्त सड़क पर भारी निर्माण सामग्री गिरने की घटना ने स्थानीय लोगों के साथ रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों में भी डर पैदा कर दिया है।

माजीवड़ा नाका ठाणे के व्यस्त इलाकों में शामिल है। यहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों और लोगों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे इलाके में निर्माणाधीन 50 मंजिला इमारत से पेवर ब्लॉक और सीमेंट की बोरियां सड़क पर गिरने से निर्माण स्थल पर अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना के दौरान सड़क से गुजर रही पांच से छह गाड़ियों पर भी मलबे का असर पड़ा। पेवर ब्लॉक और अन्य निर्माण सामग्री गिरने से वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। अचानक हुई घटना के कारण वाहन चालकों में दहशत फैल गई। अगर भारी निर्माण सामग्री सीधे किसी वाहन या राहगीर के ऊपर गिरती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

प्रत्यक्ष रूप से यह घटना निर्माण स्थल पर ऊंचाई पर रखी सामग्री की सुरक्षा से जुड़ी बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रही है। 50 मंजिला इमारत जैसी ऊंची संरचना में निर्माण के दौरान सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखना बेहद जरूरी होता है। इसके बावजूद ऊपरी मंजिलों से सीमेंट की बोरियां और पेवर ब्लॉक नीचे व्यस्त सड़क तक पहुंच गए। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊंची इमारतों के निर्माण के दौरान आसपास की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। माजीवड़ा नाका जैसे व्यस्त क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। यहां दिनभर वाहनों के साथ पैदल चलने वाले लोगों की भी आवाजाही रहती है।

घटना के बाद निर्माणाधीन इमारत के आसपास से गुजरने वाले लोगों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर ऊपरी मंजिलों से भारी सामान गिर सकता है तो निर्माण स्थल के आसपास से गुजरना भी जोखिम भरा हो जाता है। हादसे के बाद ऊंची इमारतों के निर्माण के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

‘अशर पल्स’ 50 मंजिला रिहायशी इमारत के रूप में तैयार की जा रही है। इतनी ऊंची इमारत के निर्माण में बड़ी मात्रा में निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में ऊपरी मंजिलों पर रखे सामान को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि किसी भी परिस्थिति में वह नीचे सार्वजनिक सड़क या आसपास के क्षेत्र में न गिरे।

घटना में डॉक्टर समेत दो लोगों का घायल होना सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की गंभीरता को दर्शाता है। दोनों लोग उस समय इलाके से गुजर रहे थे, जब अचानक ऊपर से सामग्री गिर गई। इसके साथ ही पांच-छह वाहनों के क्षतिग्रस्त होने से वाहन मालिकों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा भी देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि शहर में तेजी से ऊंची इमारतों का निर्माण हो रहा है, लेकिन निर्माण स्थलों के आसपास आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। खासतौर पर मुख्य सड़कों, चौराहों और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास चल रहे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहनी चाहिए।

माजीवड़ा नाका की घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि निर्माणाधीन ऊंची इमारतों के आसपास सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा है। यदि निर्माण सामग्री ऊपरी मंजिलों से सीधे सड़क पर गिर रही है तो वहां से गुजरने वाले लोगों और वाहनों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों और राहगीरों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि यह कोई सुनसान क्षेत्र नहीं बल्कि शहर का व्यस्त इलाका है। घटना के वक्त सड़क पर काफी ट्रैफिक था। ऐसे में निर्माण सामग्री के गिरने से कई वाहन एक साथ इसकी चपेट में आ गए। हादसे में दो लोगों के घायल होने के साथ कई वाहनों को नुकसान पहुंचना स्थिति की गंभीरता को सामने लाता है।

इस घटना के बाद शहर में निर्माणाधीन ऊंची इमारतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसी भी परिस्थिति में ईंट, पेवर ब्लॉक, सीमेंट की बोरियां या दूसरी सामग्री नीचे सार्वजनिक क्षेत्र में न गिर सके।

माजीवड़ा नाका में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों और यहां से नियमित गुजरने वाले यात्रियों को चिंतित कर दिया है। हादसे के बाद अब निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ऊंची इमारतों के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

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