महाराष्ट्र

चलती एंबुलेंस से स्ट्रेचर समेत गिरा मरीज, 90 सेकंड बाद लौटा ड्राइवर

nidhi
12 Oct 2026 9:55 AM IST
चलती एंबुलेंस से स्ट्रेचर समेत गिरा मरीज, 90 सेकंड बाद लौटा ड्राइवर
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एंबुलेंस से गिरने का वीडियो वायरल
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में एक चलती एंबुलेंस से मरीज के स्ट्रेचर समेत सड़क पर गिरने की घटना सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मरीजों की सुरक्षा और एंबुलेंस में बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह एंबुलेंस यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल (वाईसीएमएच) की बताई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मरीज को गंभीर चोट लगने की सूचना नहीं थी और उसे वापस अस्पताल ले जाया गया।
चलती एंबुलेंस से सड़क पर गिरा मरीज
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना अस्पताल परिसर के पास हुई। एंबुलेंस चल रही थी, तभी मरीज स्ट्रेचर समेत वाहन से बाहर सड़क पर गिर गया। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने इसे अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने एंबुलेंस में मरीज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रत्यक्षदर्शियों ने चालक को रोककर घटना के बारे में सवाल किए। लोगों ने यह भी पूछा कि एंबुलेंस चलाने से पहले दरवाजा और स्ट्रेचर को सही तरीके से सुरक्षित क्यों नहीं किया गया था। हालांकि, मरीज के गिरने की सटीक वजह की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
करीब 90 सेकंड बाद मौके पर लौटी एंबुलेंस
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि मरीज के सड़क पर गिरने के बाद एंबुलेंस तत्काल नहीं रुकी। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 90 सेकंड बाद एंबुलेंस वापस घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने मरीज और स्ट्रेचर को सड़क के किनारे सुरक्षित किया। बताया गया कि मरीज को इस घटना में चोट नहीं आई। वीडियो में एंबुलेंस के लौटने के बाद चालक और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बीच बातचीत होती दिखाई देती है। इस दौरान एंबुलेंस के पिछले दरवाजे के ठीक से बंद नहीं होने और स्ट्रेचर को सुरक्षित नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठे। घटना के बाद मरीज को वापस उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
स्ट्रेचर लॉक नहीं होने से हुआ हादसा
अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मरीज को वाईसीएम अस्पताल से पुणे के ससून जनरल अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा था। मरीज को संक्रमण की शिकायत थी और उसे आगे के उपचार के लिए दूसरे अस्पताल भेजा जा रहा था, क्योंकि वाईसीएम अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। अधिकारियों के शुरुआती बयान में मरीज को ले जाने की व्यवस्था में गंभीर खामियों की बात सामने आई। एंबुलेंस के अंदर स्ट्रेचर के पहियों को लॉक नहीं किया गया था। इसके अलावा, मरीज के साथ पीछे बैठने वाला कर्मचारी आगे यात्री सीट पर बैठा था। इस वजह से मरीज की सुरक्षित स्थिति पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठे। एंबुलेंस में परिवहन के दौरान स्ट्रेचर को सही तरीके से लॉक करना और मरीज के साथ कर्मचारी की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है। चलती गाड़ी में स्ट्रेचर के खिसकने या दरवाजा खुलने की स्थिति में मरीज को गंभीर खतरा हो सकता है। इस घटना ने इन सुरक्षा उपायों के पालन की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।
अस्पताल प्रशासन ने चालक और कर्मचारी को नोटिस दिया
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद वाईसीएम अस्पताल प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। अस्पताल के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले ने बताया कि एंबुलेंस चालक और संबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया के तहत एक पुलिसकर्मी भी एंबुलेंस में मौजूद था। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में पुलिस की ओर से किसी औपचारिक कार्रवाई या जांच के नतीजे की पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित कर्मचारियों का पक्ष और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं पर आगे की जानकारी सामने आना बाकी है।
वायरल वीडियो के बाद मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। सवाल उठाए गए कि एंबुलेंस रवाना करने से पहले स्ट्रेचर और दरवाजे की जांच क्यों नहीं की गई। मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाते समय सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की चूक गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि संबंधित मरीज बेघर बताया गया है। ऐसे मरीजों के पास अक्सर देखभाल के लिए परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं होता। ऐसी स्थिति में अस्पताल और स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में हुई यह घटना एंबुलेंस में मरीजों को ले जाने के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की जरूरत बताती है। अस्पताल प्रशासन ने चालक और कर्मचारी को नोटिस जारी कर दिया है। अब मामले में आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय किए जाने को लेकर जानकारी का इंतजार है।
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