महाराष्ट्र

उल्हासनगर में 25 साल पुरानी इमारत की छत का हिस्सा गिरा, एक घायल

Kavita2
17 Aug 2026 10:14 AM IST
उल्हासनगर में 25 साल पुरानी इमारत की छत का हिस्सा गिरा, एक घायल
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उल्हासनगर। महाराष्ट्र के उल्हासनगर में करीब 25 साल पुरानी एक रिहायशी इमारत की छत का हिस्सा अचानक गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर नगर प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची। किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को खाली करा लिया गया। घायल व्यक्ति को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

यह घटना रविवार दोपहर उल्हासनगर के कैंप नंबर 3 स्थित साईबाबा नगर इलाके में कुमाऊं अपार्टमेंट में हुई। बताया जा रहा है कि यह रिहायशी इमारत लगभग 25 साल पुरानी है। रविवार को अचानक इमारत की छत का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। उस समय इमारत में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने लगे।

हादसे में विनोद कचरे नाम का व्यक्ति मलबे की चपेट में आ गया। छत का हिस्सा गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों ने तत्काल मदद शुरू की। विनोद को समय रहते मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हादसे में उन्हें चोटें आई हैं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है और उनका उपचार जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही नगर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और इमारत की स्थिति का जायजा लिया। करीब 25 साल पुरानी इमारत में छत का हिस्सा गिरने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वहां रहने वाले सभी लोगों को बाहर निकालने का फैसला किया। इसके बाद पूरी इमारत को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चिंता यह थी कि छत का एक हिस्सा गिरने के बाद इमारत के दूसरे हिस्सों की स्थिति कैसी है। किसी और हिस्से के गिरने से जान-माल का नुकसान हो सकता था। इसी खतरे को देखते हुए निवासियों को फिलहाल इमारत के अंदर रहने की अनुमति नहीं दी गई। भवन की सुरक्षा का आकलन किए जाने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

कुमाऊं अपार्टमेंट में हुई इस घटना ने पुराने रिहायशी भवनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। मुंबई महानगर क्षेत्र और आसपास के शहरों में बड़ी संख्या में कई दशक पुरानी इमारतें मौजूद हैं। बारिश के मौसम में लगातार नमी, पानी का रिसाव और भवनों की कमजोर होती संरचना के कारण पुराने निर्माण में दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार पुरानी इमारतों में समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और जरूरी मरम्मत कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। छत, दीवार, कॉलम और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में दरार या कमजोरी दिखाई देने पर तत्काल जांच की जरूरत होती है। छोटी लापरवाही भी बाद में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

रविवार को हुई घटना में राहत की बात यह रही कि मलबे की चपेट में आए विनोद कचरे को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। उनकी हालत स्थिर होने से परिवार और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। अगर छत का बड़ा हिस्सा गिरता या अधिक लोग उसकी चपेट में आते तो हादसा गंभीर हो सकता था।

घटना के बाद इमारत में रहने वाले परिवारों के सामने फिलहाल आवास की समस्या भी खड़ी हो गई है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरी इमारत खाली कराए जाने के कारण लोगों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह रहने की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। भवन को दोबारा रहने योग्य घोषित किए जाने से पहले उसकी संरचनात्मक स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी।

उल्हासनगर में मानसून के दौरान जर्जर और पुरानी इमारतों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहती है। बारिश के कारण भवनों में पानी का रिसाव और कमजोर हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में नगर प्रशासन की ओर से खतरनाक या जर्जर इमारतों की पहचान और समय रहते जरूरी कदम उठाना हादसों को रोकने के लिए अहम माना जाता है।

साईबाबा नगर स्थित कुमाऊं अपार्टमेंट की घटना के बाद आसपास के लोगों में भी चिंता देखी गई। छत गिरने की आवाज के बाद लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। प्रशासन ने घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने को कहा है।

फिलहाल यह पता लगाया जाना बाकी है कि छत का हिस्सा गिरने की वास्तविक वजह क्या थी। भवन की उम्र, उसकी मौजूदा संरचनात्मक स्थिति और मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा। प्रशासन की ओर से इमारत की सुरक्षा का आकलन किए जाने की संभावना है।

इस हादसे ने पुराने रिहायशी भवनों में रहने वाले लोगों के लिए भी सतर्कता का संदेश दिया है। भवन में बड़ी दरार, प्लास्टर या छत का हिस्सा टूटकर गिरने, पानी के अत्यधिक रिसाव या संरचना में किसी तरह का बदलाव दिखाई देने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों और विशेषज्ञों को सूचना देना जरूरी है।

उल्हासनगर के कुमाऊं अपार्टमेंट में रविवार को हुआ हादसा फिलहाल एक व्यक्ति के घायल होने तक सीमित रहा। समय रहते घायल को मलबे से निकालने और पूरी इमारत खाली कराने से बड़े नुकसान की आशंका को टाल दिया गया। अब भवन की स्थिति की जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि यहां रहने वाले परिवार कब और किन परिस्थितियों में वापस लौट सकेंगे।

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