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Parbhani : छह साल से अधूरी 7 KM सड़क, ग्रामीणों को भारी परेशानी

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के परभणी जिले के जिंतूर तालुका में शेवड़ी पाटी-भोसी-कुरहाड़ी सड़क परियोजना लंबे समय से अधूरी पड़ी है, जिससे स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 7 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य करीब छह साल पहले शुरू किया गया था, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है। धीमी गति से चल रहे काम और अधूरे निर्माण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य की प्रगति बेहद धीमी है, जिसके कारण रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, क्योंकि अधूरी सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण आवागमन लगभग बाधित हो जाता है।
जानकारी के अनुसार, इस सड़क परियोजना का उद्घाटन 3 दिसंबर 2021 को जिले की गार्जियन मंत्री मेघना बोर्डिकर द्वारा किया गया था। उद्घाटन के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही क्षेत्र के कई गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, लेकिन सालों बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।
इस 7 किलोमीटर लंबे मार्ग का एक हिस्सा लगभग 4 किलोमीटर तक शेवड़ी, भोसी, दहेगांव, कवाड़ा और वज़ार गांवों को जोड़ता है। यह हिस्सा अपेक्षाकृत अधिक उपयोग में आता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। वहीं बाकी 3 किलोमीटर का हिस्सा चरताना, ब्राह्मणगांव, सावरगांव, कुरहाड़ी और करंजी गांवों को जोड़ता है, जहां ग्रामीणों को मुख्य सड़क से संपर्क बनाने में कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण यह प्रोजेक्ट वर्षों से अधूरा पड़ा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें और मांगें करने के बावजूद काम में कोई तेजी नहीं आई। इस वजह से गांवों के बीच संपर्क प्रभावित हुआ है और दैनिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क निर्माण कार्य को तुरंत पूरा किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि इस तरह की देरी विकास कार्यों के उद्देश्य को ही प्रभावित करती है और जनता को लंबे समय तक परेशानियों में डालती है।
वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर अब तक इस मामले में कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। हालांकि ग्रामीणों का दबाव लगातार बढ़ रहा है और लोग जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
इस अधूरी सड़क परियोजना ने एक बार फिर ग्रामीण विकास कार्यों की धीमी गति और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर काम पूरा होता तो क्षेत्र के दर्जनों गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं मिल सकती थीं।
फिलहाल, ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से लंबित यह सड़क परियोजना जल्द पूरी की जाएगी।





