महाराष्ट्र

अंधेरी में फर्जी IT रेड से मचा हड़कंप

Kavita2
6 Sept 2026 12:37 PM IST
अंधेरी में फर्जी IT रेड से मचा हड़कंप
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मुंबई : अंधेरी इलाके में फिल्म ‘स्पेशल 26’ जैसी वारदात सामने आई है। हालांकि इस बार मामला फिल्मी कहानी नहीं बल्कि हकीकत का है। आरोप है कि पांच लोगों के एक गिरोह ने खुद को इनकम टैक्स विभाग और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक कारोबारी और उसकी पत्नी को अगवा कर लिया।

आरोपियों ने कारोबारी की कंपनी में फर्जी रेड डाली और कार्रवाई से बचाने के नाम पर 1 करोड़ रुपये की मांग की। मामले में अंधेरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को मुंबई, पुणे और नालासोपारा से पकड़ा गया।

फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश

पुलिस के मुताबिक, यह घटना 17 जुलाई को अंधेरी के चकाला स्थित सहार कार्गो एस्टेट में हुई थी। यहां ‘टू एम ऑफ्थोट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी में आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी छापेमारी की।

पूरी घटना का तरीका 2013 में रिलीज हुई फिल्म ‘स्पेशल 26’ की कहानी से मिलता-जुलता बताया जा रहा है, जिसमें नकली सरकारी अधिकारी बनकर छापेमारी की जाती है।

आरोप है कि इस मामले में भी आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया और कंपनी में कार्रवाई शुरू कर दी।

कारोबारी को फोन कर बुलाया गया

पुलिस के अनुसार, कंपनी के मालिक राजकुमार कंडासामी को उनके कर्मचारियों ने फोन कर बताया कि कुछ लोग इनकम टैक्स अधिकारियों के रूप में कार्यालय में पहुंचे हैं और छापेमारी कर रहे हैं।

इसके बाद कथित तौर पर कारोबारी को फोन पर धमकी दी गई और तुरंत ऑफिस पहुंचने के लिए कहा गया।

जब कारोबारी वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद उनसे पैसे की मांग की गई।

1 करोड़ रुपये की मांग का आरोप

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर कारोबारी से कहा कि अगर वह आगे की कानूनी कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो उन्हें 1 करोड़ रुपये देने होंगे।

आरोपियों की धमकी और फर्जी अधिकारियों के रूप में की गई कार्रवाई से कारोबारी और उनका परिवार डर गया।

मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई।

पुलिस ने पांच आरोपियों को दबोचा

अंधेरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।

इसके बाद पुलिस ने मुंबई, पुणे और नालासोपारा में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।

फर्जी पहचान और दस्तावेजों की जांच

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच अधिकारी होने का विश्वास दिलाने के लिए किस तरह की तैयारी की थी।

उनके पास से कोई फर्जी पहचान पत्र, दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

कारोबारी को बनाया गया था निशाना

पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने कारोबारी की कंपनी, उसकी आर्थिक स्थिति और अन्य जानकारियां जुटाई होंगी।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों को कंपनी के बारे में जानकारी कैसे मिली और क्या किसी अंदरूनी व्यक्ति ने उनकी मदद की थी।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर होने वाली कार्रवाई को लेकर सतर्क रहें।

यदि कोई व्यक्ति छापेमारी या जांच के नाम पर दबाव बनाता है तो तुरंत संबंधित विभाग और पुलिस को सूचना दें।

आगे की जांच जारी

फिलहाल पांचों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

अंधेरी की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अपराधी किस तरह फिल्मों की कहानियों से प्रेरणा लेकर नई रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस फर्जी रेड की पूरी साजिश में कितने लोग शामिल थे।

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