महाराष्ट्र

पुणे मनपा चुनाव को लेकर विपक्षी एकता की पहल, सीटों पर नहीं हुई कोई बातचीत

SHIDDHANT
29 Dec 2025 9:54 PM IST
पुणे मनपा चुनाव को लेकर विपक्षी एकता की पहल, सीटों पर नहीं हुई कोई बातचीत
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Maharashtra महाराष्ट्र। आगामी पुणे नगर निगम (पीएमसी) चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर ने विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी पार्टी को लेकर कोई सीट प्रस्ताव नहीं दिया गया है। रवींद्र धंगेकर ने कहा कि अभी केवल सभी समान विचारधारा वाले दलों को एक मंच पर बैठकर पुणे नगर निगम चुनाव को लेकर चर्चा करने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अभी तक किसी भी सीट को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है। फिलहाल हमारा उद्देश्य सिर्फ यह है कि सभी दल साथ बैठें और चुनावी रणनीति पर चर्चा करें।
धंगेकर का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों—शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी—के बीच स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर संभावित गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पुणे जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से अहम शहर में विपक्षी दलों की रणनीति पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पुणे नगर निगम चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और नागरिकों के भविष्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है। ऐसे में जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी दलों को आपसी सहमति, संवाद और परस्पर सम्मान के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
धंगेकर ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पुणे शहर को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है, जिनमें खराब बुनियादी ढांचा, यातायात जाम, जल आपूर्ति की समस्या, अनियोजित विकास और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ताधारी दलों ने इन समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। शिवसेना नेता ने कहा कि विपक्षी दलों की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पुणे के नागरिकों को एक सक्षम, पारदर्शी और जवाबदेह नगर निगम प्रशासन मिले। इसके लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होकर रणनीति बनानी होगी।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में विभिन्न दलों के नेताओं के बीच बैठकें हो सकती हैं, जिनमें चुनावी मुद्दों, संभावित गठबंधन और साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि सीटों के बंटवारे पर बातचीत बाद के चरण में होगी। रवींद्र धंगेकर ने कहा, “हमारा फोकस अभी जनता के मुद्दों पर है, न कि कुर्सियों के गणित पर। पहले यह तय होना चाहिए कि पुणे के लिए हमारी साझा सोच और दृष्टिकोण क्या है। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक विपक्षी दलों की ओर से एक संतुलित और रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं, जिससे चुनाव से पहले आपसी मतभेदों को कम किया जा सके।
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