महाराष्ट्र

नासिक में प्याज खरीद योजना की समीक्षा, MIS के तहत 2 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य

Kavita2
3 July 2026 2:12 PM IST
नासिक में प्याज खरीद योजना की समीक्षा, MIS के तहत 2 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य
x

Maharashtra महाराष्ट्र: नासिक में केंद्र सरकार की मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (Market Intervention Scheme) के तहत चल रही सरकारी प्याज खरीद की समीक्षा गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा की गई। नासिक के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर आयुष प्रसाद ने लासलगांव एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (Lasalgaon APMC) में चल रही खरीद प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

इस योजना के तहत सरकार ने इस सीजन में NAFED और NCCF के माध्यम से कुल 2 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम मुख्य रूप से किसानों को बाजार में उचित मूल्य दिलाने और कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

बैठक के दौरान जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कृषि उपज बाजार समितियों के प्रवेश द्वारों पर स्पष्ट और बड़े सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि किसान सरकारी खरीद योजना की पूरी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। उनका कहना था कि कई बार जानकारी के अभाव में किसान योजना का पूरा लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए जागरूकता बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नियमित नीलामी प्रक्रिया के साथ-साथ सरकारी खरीद भी निरंतर जारी रहे। इससे उन किसानों को फायदा मिलेगा जिन्हें बाजार में अपेक्षाकृत कम कीमत मिल रही है और वे सरकारी योजना के माध्यम से बेहतर समर्थन मूल्य प्राप्त कर सकें।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मार्केट इंटरवेंशन स्कीम का मुख्य उद्देश्य प्याज की कीमतों को स्थिर रखना और किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग साढ़े चार हफ्तों में प्याज की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें सरकारी खरीद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अधिकारियों के अनुसार, नासिक जिले की नौ कृषि उपज मंडियों (APMC) में फिलहाल सरकारी खरीद की प्रक्रिया जारी है। इन केंद्रों पर लगातार खरीद होने से पूरे क्षेत्र में प्याज की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल रही है।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि बाजार में अचानक कीमतों में गिरावट या उतार-चढ़ाव की स्थिति में किसानों को सबसे अधिक नुकसान होता है, इसलिए सरकार की यह योजना एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। इसके माध्यम से किसानों को सुनिश्चित मूल्य उपलब्ध कराया जाता है और बाजार में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाती है।

स्थानीय कृषि अधिकारियों का कहना है कि नासिक देश के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में से एक है और यहां की कीमतों का असर राष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ता है। ऐसे में इस तरह की सरकारी खरीद योजनाएं न केवल स्थानीय किसानों के लिए बल्कि पूरे कृषि बाजार के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए तकनीकी सुधारों की आवश्यकता है। सूचना बोर्ड, डिजिटल अपडेट और त्वरित भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

कुल मिलाकर, नासिक में चल रही प्याज खरीद योजना को किसानों के लिए राहतकारी कदम माना जा रहा है, जिससे बाजार में स्थिरता बनाए रखने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने में मदद मिल रही है।

Next Story