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इगतपुरी में भारी बारिश के बीच पुराना कसारा घाट मार्ग प्रभावित

नासिक : महाराष्ट्र में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब सड़क और परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शनिवार को नासिक जिले के इगतपुरी क्षेत्र में मुंबई-नासिक हाईवे के पुराने कसारा घाट मार्ग पर जवाहर फाटा के पास एक रिटेनिंग वॉल (सहायक सुरक्षा दीवार) अचानक ढह गई। दीवार गिरने से उसका मलबा सड़क पर फैल गया, जिसके कारण इस मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया। घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।
हालांकि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन दीवार गिरने से सड़क पर आवाजाही बाधित होने के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क पर बिखरा मलबा
घटना के बाद सामने आए वीडियो में देखा गया कि रिटेनिंग वॉल का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क के किनारे और एक लेन पर फैल गया है। भारी पत्थर, मिट्टी और कंक्रीट के टुकड़ों ने सड़क को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।
Igatpuri, Maharashtra: A retaining wall collapsed on the old Kasara Ghat stretch of the Mumbai–Nashik Highway near Jawhar Phata pic.twitter.com/SqrChR3q6o
— IANS (@ians_india) July 11, 2026
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राजमार्ग प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित हिस्से पर बैरिकेडिंग की गई और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई।
लगातार बारिश बनी मुख्य वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से इगतपुरी और कसारा घाट क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों की मिट्टी में अत्यधिक नमी आ गई और ढलानों पर दबाव बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार पानी रिसने के कारण रिटेनिंग वॉल की मजबूती प्रभावित हुई, जिससे वह अचानक भरभराकर गिर गई। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
घाट क्षेत्र पहले भी रहा है संवेदनशील
पुराना कसारा घाट मार्ग लंबे समय से भूस्खलन और चट्टान गिरने जैसी घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। मानसून के दौरान इस मार्ग पर अक्सर पहाड़ी मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
इसी कारण प्रशासन बरसात के मौसम में इस क्षेत्र की लगातार निगरानी करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी मार्गों पर बनी रिटेनिंग वॉल का समय-समय पर निरीक्षण और रखरखाव आवश्यक है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यातायात पर पड़ा असर
दीवार गिरने के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई। पुलिस ने मौके पर ट्रैफिक को नियंत्रित करते हुए एक लेन से वाहनों को सावधानीपूर्वक निकाला।
भारी वाहनों को कुछ समय के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह भी दी गई। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए तेजी से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है।
राहत कार्य में जुटी टीमें
घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग, राजमार्ग प्राधिकरण, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़क पर गिरे पत्थरों और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले सड़क को सुरक्षित बनाना और यातायात को सामान्य करना प्राथमिकता है। इसके बाद क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल का तकनीकी निरीक्षण कर आगे की मरम्मत की जाएगी।
प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेष रूप से घाट क्षेत्रों से गुजरने वाले वाहन चालकों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि यदि भारी बारिश का दौर जारी रहता है तो भूस्खलन और चट्टान गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रह सकती है। इसलिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
मानसून में बढ़ी चुनौतियां
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस समय भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। पहाड़ी जिलों और घाट क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त होने, पेड़ गिरने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और ढलानों की नियमित निगरानी से ऐसी घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है। साथ ही, पुरानी रिटेनिंग वॉल और अन्य संरचनाओं का समय-समय पर संरचनात्मक ऑडिट भी जरूरी है।
फिलहाल इगतपुरी के जवाहर फाटा के पास हुई इस घटना के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया है और यातायात को पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।





