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महाराष्ट्र
जरांगे ऑडियो विवाद में नया मोड़, SIT खंगालेगी रिकॉर्डिंग की सच्चाई
Ratna Netam
26 Oct 2026 7:25 PM IST

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मुंबई। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े कथित 500 करोड़ रुपये के लेनदेन और ऑडियो क्लिप को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस अब ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता, उसमें सुनाई देने वाली आवाजों और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े आरोपों की जांच करेगी। यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ऑडियो क्लिप में 500 करोड़ रुपये के लेनदेन का दावा
विवाद की शुरुआत तब हुई, जब मनोज जरांगे पाटिल ने अक्टूबर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की। जरांगे का दावा है कि इस रिकॉर्डिंग में कुछ लोगों के बीच बातचीत सुनाई देती है, जिसमें मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने और उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए जाने से संबंधित चर्चा का कथित उल्लेख है।क्लिप में कथित तौर पर शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से यह रकम पहुंचाए जाने की बात कही गई है। श्रीकांत शिंदे, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। हालांकि, ऑडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की जांच अभी बाकी है।
तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे जांच
मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती की ओर से 26 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है। टीम की अध्यक्षता दक्षिण प्रादेशिक विभाग के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवड़े करेंगे। पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और साइबर क्राइम शाखा के पुलिस उपायुक्त बजरंग बनसोडे को भी टीम में शामिल किया गया है।एसआईटी को ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराने, उसमें शामिल आवाजों और बातचीत के संदर्भ की पड़ताल करने तथा कथित लेनदेन से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। जांच दल को अपनी प्रगति की जानकारी पुलिस आयुक्त कार्यालय को भी देनी होगी।
मनोज जरांगे ने आरोपों को बताया साजिश
मनोज जरांगे पाटिल ने दावा किया है कि कथित ऑडियो क्लिप उनके और मराठा आरक्षण आंदोलन के खिलाफ रची गई साजिश का संकेत देती है। उन्होंने 500 करोड़ रुपये लेने के आरोपों को खारिज किया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।जरांगे का कहना है कि इस मामले में रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाले लोगों की पहचान होनी चाहिए और पूरी बातचीत की वास्तविकता सामने आनी चाहिए। दूसरी ओर, कुछ राजनीतिक नेताओं ने ऑडियो क्लिप की सत्यता पर सवाल उठाते हुए यह भी जांचने की मांग की है कि कहीं इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार तो नहीं किया गया।
एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे ने आरोप नकारे
मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत शिंदे का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दोनों ने कथित तौर पर जरांगे तक रकम पहुंचाने से जुड़े आरोपों को खारिज किया है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा है कि ऑडियो क्लिप की पूरी जांच और फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग इतने समय बाद सार्वजनिक क्यों की गई। सरकार का कहना है कि जांच के जरिए रिकॉर्डिंग की वास्तविकता और उसमें किए गए दावों का पता लगाया जाएगा।
संजय राउत ने भी जांच की मांग की
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस कथित 500 करोड़ रुपये के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और महाराष्ट्र पुलिस से कराने की मांग की है। उन्होंने वित्तीय लेनदेन से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल करने का आग्रह किया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजरें
एसआईटी के गठन के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता, आवाजों की पहचान और बातचीत के वास्तविक संदर्भ पर रहेगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित 500 करोड़ रुपये के लेनदेन का दावा सही है या नहीं।फिलहाल, आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के निष्कर्ष इस मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।
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