महाराष्ट्र

भारत-अमेरिका संबंधों में नया मोड़, मुंबई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

Kavita2
20 Oct 2026 3:17 PM IST
भारत-अमेरिका संबंधों में नया मोड़, मुंबई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
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मुंबई। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की कोशिशों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई पहुंचे। अपने भारत दौरे के दौरान रुबियो विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा सहयोग, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत प्रस्तावित है। इस उच्चस्तरीय मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब दोनों देश व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने के प्रयास कर रहे हैं। रुबियो के मुंबई पहुंचने से पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

मुंबई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को अपने आधिकारिक भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे। यह उनका पिछले छह महीनों में दूसरा भारत दौरा है। उनके साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और रुबियो की पत्नी जेनेट डूसडेबेस रुबियो भी मौजूद थीं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी बैठक को लेकर दोनों देशों के राजनयिक और रणनीतिक हलकों में विशेष दिलचस्पी है। माना जा रहा है कि इस बातचीत के माध्यम से भारत और अमेरिका अपने संबंधों में मौजूद चुनौतियों को दूर करने तथा सहयोग के नए अवसर तलाशने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।


भारत और अमेरिका पिछले कई वर्षों से रक्षा, व्यापार, तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाते रहे हैं। हालांकि, व्यापार शुल्क और कुछ नीतिगत मतभेदों के कारण हाल के समय में संबंधों में तनाव भी देखने को मिला है।

जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

रुबियो के साथ प्रस्तावित बैठक से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।

इस प्रतिनिधिमंडल में जेसन स्मिथ, डेविड श्वाइकर्ट, एलिस स्टेफनिक, एंडी ओगल्स और लौरा फ्रीडमैन शामिल थे।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने में अमेरिकी सांसदों की सकारात्मक रुचि की सराहना की।

उन्होंने बताया कि बैठक में व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसके अलावा भारत में कारोबार करने की सुगमता तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे विषय भी बातचीत का हिस्सा रहे।

व्यापार समझौते पर दोनों देशों की नजर

मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौता प्रमुख मुद्दों में शामिल है। दोनों देश आर्थिक सहयोग को विस्तार देने और व्यापार से जुड़ी बाधाओं को कम करने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं।

रुबियो ने संकेत दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता अंतिम रूप दिए जाने के काफी करीब पहुंच गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की व्यापार नीतियों और आयात शुल्क को लेकर भारत तथा अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से चर्चा चल रही है। ऐसे में रुबियो और जयशंकर की बैठक से व्यापार वार्ता को नई गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।

ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर भी होगी चर्चा

भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा भी एक महत्वपूर्ण विषय है। भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से तेल और गैस आयात करता है।

रूस से भारत की तेल खरीद और इस पर अमेरिकी नीतियों के कारण ऊर्जा व्यापार विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ऊर्जा आपूर्ति तथा सहयोग के संभावित रास्तों पर विचार होने की संभावना है।

इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी द्विपक्षीय संबंधों की प्राथमिकताओं में शामिल है। रक्षा उत्पादन, तकनीकी साझेदारी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत दोनों देशों की रणनीतिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

तकनीक और निवेश के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर

भारत और अमेरिका के बीच उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और आधुनिक औद्योगिक क्षमताओं जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी की व्यापक संभावनाएं हैं।

भारत सरकार घरेलू विनिर्माण और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। वहीं, अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत एक बड़ा बाजार और महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य है।

ऐसे में दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग, निवेश और व्यापार को लेकर होने वाली बातचीत भविष्य की आर्थिक साझेदारी को प्रभावित कर सकती है।

जामनगर दौरे का भी कार्यक्रम

मुंबई में राजनयिक बैठकों के अलावा मार्को रुबियो के गुजरात के जामनगर जाने का भी कार्यक्रम है। जामनगर देश के प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक केंद्रों में शामिल है, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज का विशाल रिफाइनरी परिसर स्थित है।

इस दौरे को भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रुबियो की यात्रा का कार्यक्रम मुंबई और जामनगर पर केंद्रित है, जबकि नई दिल्ली उनके इस दौरे का हिस्सा नहीं है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की कोशिश

भारत और अमेरिका के संबंधों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र का विशेष रणनीतिक महत्व है। दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर साझेदारी को आगे बढ़ाने के पक्षधर रहे हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर और अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत में भी हिंद-प्रशांत सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के साथ विभिन्न देशों से संतुलित संबंध बनाए रखने पर जोर देता रहा है। ऐसे में अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी भारत की व्यापक विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा दौरा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा तथा रणनीतिक सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी बैठक से दोनों देशों को अपनी प्राथमिकताओं और चिंताओं पर सीधे चर्चा करने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, किसी नए समझौते या ठोस निर्णय की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इस उच्चस्तरीय यात्रा को दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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