- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- पवई बच्चों बंधक कांड...
महाराष्ट्र
पवई बच्चों बंधक कांड में नया खुलासा, शिवसेना (UBT) नेता सूरज लोखंडे का बड़ा बयान
SHIDDHANT
30 Oct 2025 9:11 PM IST

x
Mumbai मुंबई: पवई इलाके में हुए बच्चों को बंधक बनाने की सनसनीखेज वारदात के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के नेता सूरज लोखंडे ने दावा किया है कि आरोपी रोहित आर्य, जिसने इस घटना को अंजाम दिया और बाद में उसकी मौत हो गई, लंबे समय से सरकारी भुगतान न मिलने से परेशान था। लोखंडे ने बताया कि रोहित आर्य ‘मेरी शाला, सुंदर शाला’ नामक एक शिक्षा प्रोजेक्ट चला रहा था, जिसे अगस्त 2024 में राज्य में शुरू किया गया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्कूलों के बुनियादी ढांचे और स्वच्छता में सुधार करना था। हालांकि, प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद भी सरकार ने उसका बकाया भुगतान नहीं किया, जिससे वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव में चला गया।
लोखंडे ने कहा, “शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने उसे कई बार भरोसा दिलाया कि उसकी रकम जल्द दी जाएगी, लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी उसे भुगतान नहीं मिला। वह न्याय के लिए लगातार 26 दिनों तक प्रदर्शन करता रहा, पर किसी ने उसकी नहीं सुनी। आखिर में, हताश होकर उसने यह गलत कदम उठा लिया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान रोहित आर्य की तबीयत बिगड़ गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लोखंडे ने कहा कि उनकी पार्टी ने भी उसके जीवन को बचाने और समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से बात की थी, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
पुलिस के अनुसार, रोहित आर्य ने पवई इलाके में एक कोचिंग सेंटर में कई बच्चों को बंधक बना लिया था। वह अपनी मांगों को लेकर काफी आक्रोशित था और अधिकारियों से तत्काल बातचीत चाहता था। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर लंबी मशक्कत के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद आरोपी की हालत बिगड़ी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूरज लोखंडे ने इस पूरी घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “अगर सरकार ने समय पर भुगतान कर दिया होता, तो शायद आज यह दुखद घटना नहीं होती। यह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।” उन्होंने मांग की कि सरकार इस घटना की निष्पक्ष जांच कराए और आर्य के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करे।
पुलिस अब इस मामले में शिक्षा विभाग से जुड़े आर्थिक दस्तावेज और भुगतान रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही, अधिकारियों के खिलाफ भी जवाबदेही तय की जा सकती है जिन्होंने भुगतान फाइल को लंबित रखा था। इस घटना ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज के कई वर्गों ने सरकार से अपील की है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी को रोका जा सके।
Tagsपवई बंधक कांडरोहित आर्यसूरज लोखंडेशिवसेना UBTदीपक केसरकरमेरी शाला सुंदर शाला प्रोजेक्टमहाराष्ट्र शिक्षा विभागभुगतान विवादआत्महत्यासरकारी लापरवाहीजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





