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मुंबई। महाराष्ट्र में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। राज्यभर में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत मुंबई की प्रसिद्ध गिरगांव चौपाटी पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले वेंडर्स ने अब महाराष्ट्र FDA की गाइडलाइंस के अनुसार FSSAI-ब्रांडेड एप्रन पहनना शुरू कर दिया है।
FDA का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य खाद्य पदार्थ बेचने वाले लोगों की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, खाने-पीने की जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखना और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
गिरगांव चौपाटी मुंबई के प्रमुख पर्यटन और खान-पान स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक स्ट्रीट फूड का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे में यहां खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अब चौपाटी पर खाद्य विक्रेताओं के लिए निर्धारित एप्रन पहनना स्वच्छता और पहचान दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
#WATCH | Maharashtra | Food and Drug Administration (FDA) officials inspected the Bombay High Court canteen. pic.twitter.com/9OnEKMSPrw
— ANI (@ANI) July 30, 2026
FDA की गाइडलाइंस के अनुसार, खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई के नियमों का पालन करना होगा। FSSAI-ब्रांडेड एप्रन इसी व्यवस्था का हिस्सा है। इससे ग्राहकों को यह भरोसा मिलेगा कि भोजन तैयार करने और परोसने वाले विक्रेता निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वेंडर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई विक्रेता निर्धारित एप्रन पहनने या अन्य खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने में लापरवाही करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
महाराष्ट्र FDA पिछले कुछ समय से खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्यभर में अभियान चला रहा है। विभाग ने उन दुकानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जो खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। कई मामलों में लाइसेंस रद्द करने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, FDA ने स्कूलों के आसपास खाद्य सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को अस्वास्थ्यकर भोजन से बचाना जरूरी है और इसके लिए सख्त नियमों का पालन कराया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका लगातार निरीक्षण और पालन भी जरूरी है। स्ट्रीट फूड से जुड़े क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना भोजन करते हैं।
गिरगांव चौपाटी पर शुरू की गई यह पहल स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और ग्राहकों के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद कर सकती है। एप्रन पहनने से विक्रेताओं की पहचान भी आसान होगी और ग्राहकों को स्वच्छता को लेकर बेहतर भरोसा मिल सकेगा।
FDA अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा अभियान केवल बड़े रेस्टोरेंट और दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे विक्रेताओं और स्ट्रीट फूड कारोबारियों को भी इसके दायरे में लाया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि राज्य में हर स्तर पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
वहीं, खाद्य विक्रेताओं का कहना है कि नियमों का पालन करना जरूरी है, लेकिन प्रशासन को विक्रेताओं को जागरूक करने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि प्रशिक्षण और जानकारी मिलने से छोटे कारोबारी भी आसानी से खाद्य सुरक्षा मानकों को अपना सकते हैं।
मुंबई जैसे महानगर में जहां स्ट्रीट फूड संस्कृति काफी लोकप्रिय है, वहां खाद्य सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। गिरगांव चौपाटी जैसे प्रमुख स्थानों पर नियमों का प्रभावी पालन होने से अन्य इलाकों के विक्रेताओं को भी प्रेरणा मिल सकती है।
FDA की यह पहल राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में विभाग की ओर से और अधिक निरीक्षण और जागरूकता अभियान चलाए जाने की संभावना है, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।





