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मेट्रो लाइन-9 साइट पर लापरवाही, जे कुमार पर 12.5 करोड़ जुर्माना

मुंबई। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने मेट्रो लाइन-9 के निर्माण कार्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर निर्माणाधीन मेडेटिया नगर मेट्रो स्टेशन के पास हुई सुरक्षा चूक के मामले में MMRDA ने कॉन्ट्रैक्टर जे कुमार और संबंधित कंसल्टेंट्स पर कुल 12.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह कार्रवाई सोमवार 17 अगस्त को हुई एक घटना के बाद की गई। अधिकारियों के मुताबिक, घटना सुबह करीब 11.50 बजे मेट्रो लाइन-9 प्रोजेक्ट साइट पर हुई थी। निर्माण स्थल पर मलबा हटाने और सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने का काम चल रहा था।
MMRDA के अनुसार, इस दौरान क्रेन से संचालित एक मटीरियल बास्केट फुट-ओवर ब्रिज (FOB) के पास रखे ग्रेनाइट पत्थरों से टकरा गई। टक्कर के बाद ग्रेनाइट के कुछ पत्थर FOB के स्तर से नीचे गिरकर बैरिकेड किए गए निर्माण क्षेत्र में आ गए।
Schoolbus escapes as under work #Metro slab collapses near #MiraRoad. Work is done by #mmrda. #trending #accident #mumbai pic.twitter.com/mGXaMM4wRQ
— Chetna Raja (@ChetnaRaja) August 17, 2026
अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन सामग्री को संभालने और काम करने की प्रक्रिया में लापरवाही सामने आई। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए MMRDA ने संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला किया।
MMRDA अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो परियोजनाओं में यात्रियों, राहगीरों और आसपास के लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा नियमों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच के बाद MMRDA ने कॉन्ट्रैक्टर जे कुमार और परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट्स की जिम्मेदारी तय की। इसके बाद दोनों पर कुल 12.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। इसमें भारी मशीनों का संचालन, निर्माण सामग्री का रखरखाव और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।
MMRDA ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण स्थलों पर निगरानी और सुरक्षा जांच को और मजबूत किया जाएगा। सभी ठेकेदारों और एजेंसियों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेट्रो लाइन-9 परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित की जा रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण के दौरान सुरक्षा एक बड़ी चुनौती होती है। भारी मशीनरी, ऊंचाई पर काम और निर्माण सामग्री की आवाजाही के कारण छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
इस घटना के बाद MMRDA ने सभी निर्माण एजेंसियों को सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा मानकों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
घटना के बाद मौके की स्थिति का निरीक्षण किया गया और संबंधित अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
MMRDA का कहना है कि जुर्माने की कार्रवाई केवल आर्थिक दंड नहीं बल्कि निर्माण एजेंसियों को सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने का कदम है। इससे अन्य परियोजनाओं में भी सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहरों में मेट्रो निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है, क्योंकि निर्माण स्थल अक्सर यातायात और आम लोगों की आवाजाही वाले क्षेत्रों के पास होते हैं।
MMRDA ने कहा है कि मेट्रो परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है। सभी ठेकेदारों को नियमित सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल मेडेटिया नगर मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य जारी है और घटना के बाद सुरक्षा उपायों को और कड़ा कर दिया गया है।





