महाराष्ट्र

NCB का एक्शन, 5 करोड़ की एफेड्रिन जब्त; तस्करी नेटवर्क बेनकाब

Kavita2
26 July 2026 3:54 PM IST
NCB का एक्शन, 5 करोड़ की एफेड्रिन जब्त; तस्करी नेटवर्क बेनकाब
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मुंबई: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई यूनिट ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 11 किलोग्राम एफेड्रिन बरामद की है। जब्त किए गए इस मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि यह खेप न्यूज़ीलैंड भेजने की तैयारी थी।

NCB अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान की गई। एजेंसी को जानकारी मिली थी कि एक संगठित गिरोह भारत से विदेशों में प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी कर रहा है। इसके बाद मुंबई यूनिट ने नेटवर्क से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।




जांच के दौरान पता चला कि यह नेटवर्क चेन्नई से संचालित हो रहा था और अंतरराष्ट्रीय कूरियर सेवाओं के माध्यम से मादक पदार्थों को विदेश भेजने की कोशिश कर रहा था। तस्करी के लिए आरोपी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।

NCB के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कूरियर पार्सल बुक करने के लिए मुंबई और पुणे जैसे अलग-अलग शहरों का इस्तेमाल करते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि उनकी गतिविधियों पर आसानी से नजर न रखी जा सके और तस्करी के नेटवर्क को छिपाया जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि एफेड्रिन एक ऐसा रसायन है जिसका इस्तेमाल कुछ दवाओं के निर्माण में किया जाता है, लेकिन इसका अवैध उपयोग नशीले पदार्थों के निर्माण में भी किया जा सकता है। इसी वजह से इसके उत्पादन, बिक्री और परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।

NCB की टीम ने जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और इसके बाद कार्रवाई करते हुए एफेड्रिन की खेप को जब्त किया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और इसके तार किन-किन देशों तक जुड़े हुए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय कूरियर चैनल का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित पदार्थों को विदेश भेजने की कोशिश कर रहे थे। फर्जी दस्तावेजों और अलग-अलग शहरों से पार्सल बुक करने की रणनीति के पीछे उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचना था।

NCB अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। एजेंसी जब्त किए गए पदार्थ के स्रोत, उसे भेजने वाले व्यक्ति और विदेश में प्राप्त करने वाले लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

ड्रग तस्करी के खिलाफ देशभर में विभिन्न एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, संपर्कों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच करती हैं, ताकि पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके।

NCB का कहना है कि भारत से विदेशों में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह नई-नई तकनीकों और तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है।

इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसी का उद्देश्य केवल खेप को जब्त करना नहीं, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को पकड़ना है।

NCB अब इस मामले में गिरफ्तारियों और आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा में काम कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं, खासकर उन चैनलों पर जिनका इस्तेमाल विदेशों में प्रतिबंधित पदार्थ भेजने के लिए किया जा सकता है। मुंबई NCB की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

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