महाराष्ट्र

नवी मुंबई: खारघर में दीपोत्सव में मंत्री नितेश राणे ने संस्कृति और एकता पर जोर दिया

SHIDDHANT
22 Oct 2025 10:13 PM IST
नवी मुंबई: खारघर में दीपोत्सव में मंत्री नितेश राणे ने संस्कृति और एकता पर जोर दिया
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Maharashtra महाराष्ट्र। मंत्री नितेश राणे ने खारघर में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया और यह अवसर महाराष्ट्र के धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में एक महत्वपूर्ण दिन साबित हुआ। उन्होंने इस मौके पर दीपोत्सव की भव्यता और महाराष्ट्र की संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। मंत्री राणे ने कहा, “महाराष्ट्र का यह भव्य दीपोत्सव आज यहां आयोजित किया गया है। यह भक्ति और एकता का अद्वितीय प्रदर्शन है। जैसे इन अनगिनत दीयों की रोशनी मिलकर दुनिया को प्रकाशित करती है, वैसे ही हमें भी एकजुट होकर अपनी संस्कृति, आस्था और मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए और उन सभी चुनौतियों का सामना करना चाहिए जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
राणे ने अपने संबोधन में सांस्कृतिक जागरूकता और एकता के संदेश पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव केवल दीयों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारा, मिल-जुल कर रहना और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने समाज और परिवार में भी इन मूल्यों को बनाए रखें। इस अवसर पर खारघर के विभिन्न हिस्सों से भारी संख्या में लोग दीपोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भजन-कीर्तन और दीयों की सजावट ने माहौल को और भव्य बना दिया। दीपोत्सव का यह आयोजन शहर और आसपास के इलाकों में धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ाने वाला साबित हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। नितेश राणे ने अपने संदेश में न केवल दीयों की भव्यता का उल्लेख किया, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी की भी आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। कार्यक्रम में कई स्थानीय नेताओं, नागरिकों और युवाओं ने भी भाग लिया। राणे ने कहा कि दीपोत्सव का यह आयोजन युवाओं को सकारात्मक संदेश और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर है।
मंत्री ने यह भी कहा कि दीयों की रोशनी के माध्यम से हम समाज में अंधकार और नकारात्मकता को दूर कर सकते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि दीपोत्सव के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दें। खारघर में दीपोत्सव की भव्य सजावट और लक्ष्य लाखों दीयों की रोशनी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोगों ने इस अवसर पर परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर दीयों की सजावट की और वातावरण को दिव्य बना दिया।
विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से धार्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण और समाज में एकता के संदेश को फैलाने में मदद मिलती है। दीपोत्सव के माध्यम से मंत्री नितेश राणे ने भी यही संदेश दिया कि समाज को मिलकर अपने मूल्यों और संस्कृति की रक्षा करनी चाहिए। इस प्रकार, खारघर में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम न केवल महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बना, बल्कि नितेश राणे के संदेश के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारा और धार्मिक चेतना का संदेश भी फैलाया गया। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी लोगों के लिए प्रेरणा और सांस्कृतिक जागरूकता का स्रोत बना रहेगा।
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