महाराष्ट्र

Navi Mumbai : 504 इमारतें खतरनाक घोषित, प्रशासन ने तुरंत खाली करने की चेतावनी जारी की

Kavita2
22 May 2026 9:57 AM IST
Navi Mumbai : 504 इमारतें खतरनाक घोषित, प्रशासन ने तुरंत खाली करने की चेतावनी जारी की
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Mumbai मुंबई: मानसून सीजन से पहले किए गए एक विस्तृत स्ट्रक्चरल सर्वे के बाद नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) ने अपने अधिकार क्षेत्र में कुल 504 इमारतों को खतरनाक घोषित किया है। प्रशासन ने इन इमारतों में रहने वाले लोगों से तुरंत सावधानी बरतने और जोखिम को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

नगर निकाय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम संभावित बारिश के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और इमारतों के ढहने की आशंका को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन भवनों में रहना जान-माल के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, इसलिए समय रहते इन्हें खाली करना आवश्यक है।

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, कुल 504 इमारतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें से 52 इमारतों को सबसे खतरनाक श्रेणी ‘C-1’ में रखा गया है। इस श्रेणी की इमारतें पूरी तरह से असुरक्षित मानी जाती हैं और इन्हें तत्काल खाली करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि इन भवनों में रहना किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

इसके अलावा 102 इमारतों को ‘C-2A’ श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी के तहत आने वाली इमारतों में संरचनात्मक मरम्मत की आवश्यकता है और इसके लिए निवासियों को अस्थायी रूप से भवन खाली करना होगा। इन इमारतों की स्थिति को भी गंभीर माना जा रहा है और जल्द सुधारात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्ट में 297 इमारतों को ‘C-2B’ श्रेणी में शामिल किया गया है। इन भवनों में मरम्मत कार्य की जरूरत है, लेकिन निवासियों को फिलहाल घर खाली करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रशासन ने कहा है कि इन इमारतों की मरम्मत का कार्य रहने के दौरान ही सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त 53 इमारतों को ‘C-3’ श्रेणी में रखा गया है, जिनमें केवल मामूली मरम्मत की आवश्यकता बताई गई है। इन भवनों में संरचनात्मक रूप से बड़ी समस्या नहीं पाई गई है, लेकिन समय-समय पर सुधार कार्य जरूरी होगा।

नगर निगम ने सभी संबंधित सोसाइटियों और भवन मालिकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे निर्धारित श्रेणी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी खतरनाक इमारत को खाली नहीं किया गया और कोई हादसा होता है, तो इसके लिए जिम्मेदारी संबंधित पक्षों की होगी।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि मानसून के दौरान स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों को किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। नगर निगम ने राहत और पुनर्वास के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू करने की बात कही है।

स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा के हित में उठाया गया है और इसे गंभीरता से लेना जरूरी है।

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