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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नासिक जिले में मानव और तेंदुए के बीच बढ़ते टकराव को कम करने और आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के वन मंत्री गणेश नाइक ने नासिक में ‘लेपर्ड सफारी पार्क’ स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रस्ताव के तहत वन विभाग को तुरंत विस्तृत सर्वे करने और एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह पहल न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भी नई दिशा देगी।
बुधवार (6 मई) को नासिक फॉरेस्ट सर्कल की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता स्वयं वन मंत्री गणेश नाइक ने की। इस बैठक में नासिक ईस्ट, नासिक वेस्ट, अहिल्यानगर और वाइल्डलाइफ डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्र में वन्यजीवों की स्थिति, मानव-वन्यजीव संघर्ष और पर्यटन विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री नाइक ने बताया कि नासिक ईस्ट फॉरेस्ट डिवीजन के अंतर्गत येओला फॉरेस्ट रेंज में स्थित ममदापुर क्षेत्र लगभग 5,000 हेक्टेयर के बड़े और जुड़े हुए वन क्षेत्र के रूप में मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लेपर्ड सफारी पार्क विकसित करने के लिए अत्यंत उपयुक्त है और यहां पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक वन्यजीव अनुभव तैयार किया जा सकता है।
इसके अलावा, त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में अंजनेरी और ब्रह्मगिरी के बीच लगभग 100 से 150 हेक्टेयर भूमि पर भी एक छोटे सफारी पार्क के विकास पर विचार किया जा रहा है। इस स्थान को भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वन मंत्री ने कहा कि इन दोनों प्रस्तावित परियोजनाओं से नासिक में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ते मानव-तेंदुआ संघर्ष को देखते हुए यह आवश्यक है कि वन्यजीवों के लिए सुरक्षित क्षेत्र विकसित किए जाएं, ताकि उनका प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहे और इंसानी बस्तियों में उनकी आवाजाही कम हो।
वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द क्षेत्र का अध्ययन पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें, ताकि परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके।
यह योजना नासिक को एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





