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Nashik : आदिवासी स्कूल से मंत्री दादाजी भुसे ने की वीडियो कॉल पर बातचीत

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने त्र्यंबकेश्वर तहसील के दूर-दराज़ आदिवासी क्षेत्र हिवाली पाडा में स्थित नासिक जिला परिषद प्राइमरी स्कूल के छात्रों से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, उनकी उपलब्धियों और स्कूल के शिक्षण माहौल की जानकारी ली और व्यवस्था की खुलकर सराहना की।
यह स्कूल अपने अनोखे शैक्षणिक मॉडल और निरंतर चलने वाली गतिविधियों के कारण चर्चा में है। मंत्री ने विशेष रूप से स्कूल के संचालन समय की तारीफ़ की, जिसके तहत यह स्कूल सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है। पूरे वर्ष यहां शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
स्कूल का वातावरण पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से अलग और व्यावहारिक सीख पर आधारित है। यहां छात्रों को खेती-बाड़ी, किचन गार्डनिंग, पर्यावरण संरक्षण, श्रम शिक्षा और अनुभव आधारित सीखने जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाता है। इससे बच्चों को किताबों की पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक जीवन से जुड़ी समझ भी विकसित होती है।
मंत्री दादाजी भुसे ने कहा कि इस तरह की पहलें शिक्षा को अधिक रोचक, उपयोगी और जीवन से जोड़ने वाली बनाती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में ऐसे मॉडल अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं।
वीडियो कॉल के दौरान शिक्षक केशव गावित भी मौजूद रहे। उन्होंने मंत्री को स्कूल की गतिविधियों और छात्रों की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ने बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई के स्तर और सीखने की क्षमता का भी आकलन किया।
उन्होंने छात्रों को नियमित रूप से अध्ययन करने, पढ़ने की आदत विकसित करने और लगातार अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह जीवन कौशल और व्यवहारिक ज्ञान को भी मजबूत करने वाली होनी चाहिए।
स्थानीय स्तर पर इस स्कूल की कार्यप्रणाली को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की पहल से आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और नए अवसर मिल रहे हैं।
यह स्कूल अब एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहां शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर उसे दैनिक जीवन और कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है।





