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Nashik : तेंदुए-मानव संघर्ष बढ़ा, सांसद भास्करराव भागरे ने वन विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग

Maharashtra महाराष्ट्र: नासिक जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में तेंदुए और इंसानों के बीच बढ़ते टकराव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए डिंडोरी लोकसभा सांसद भास्करराव भागरे ने राज्य वन विभाग से तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
नासिक जिला के विभिन्न ग्रामीण, आदिवासी और दूर-दराज़ इलाकों में तेंदुए दिखाई देने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनमें डिंडोरी, पेठ, सुरगाणा, कलवण, त्र्यंबकेश्वर, निफाड़, चांदवड़ और सिन्नर जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां अब लोगों में भय का माहौल देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गन्ने के खेतों, अंगूर और फलों के बागानों तथा घनी झाड़ियों में तेंदुओं की मौजूदगी बढ़ने से मवेशियों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। कई जगहों पर पशुधन को नुकसान पहुंचा है और कुछ मामलों में इंसानों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हुआ है।
सांसद भास्करराव भागरे ने कहा कि यह स्थिति अब गंभीर रूप ले चुकी है और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, खेतिहर मजदूरों, महिलाओं और बच्चों के बीच लगातार डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और तेंदुओं को सुरक्षित रूप से जंगलों की ओर वापस भेजने के लिए ठोस उपाय किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को मिलकर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही, ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जानी चाहिए।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, खेतों और बागानों में घनी फसल और झाड़ियां होने के कारण तेंदुए अक्सर गांवों के नजदीक आ जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द किया जाए ताकि जान-माल का खतरा कम हो सके।





