महाराष्ट्र

Nashik : निवृत्तिनाथ महाराज की आषाढ़ी पालकी का भव्य स्वागत

Kavita2
1 July 2026 4:44 PM IST
Nashik : निवृत्तिनाथ महाराज की आषाढ़ी पालकी का भव्य स्वागत
x

Maharashtra महाराष्ट्र: नासिक शहर में बुधवार सुबह पूज्य संत निवृत्तिनाथ महाराज की आषाढ़ी पालकी (जुलूस) का भव्य और श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। यह पालकी 29 जून को त्र्यंबकेश्वर से शुरू हुई थी और बारिश के बीच यात्रा करते हुए नासिक शहर पहुंची। पूरे मार्ग में वारकरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में वारकरी इस पवित्र जुलूस में शामिल रहे और लगातार अभंग गाते हुए भगवान विट्ठल के नाम का जप करते रहे। भक्तिमय माहौल में पूरा शहर धार्मिक आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया। पालकी का मुख्य जुलूस नासिक के पंचवटी इलाके में स्थित गणेशवाड़ी तक पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

नासिक नगर निगम (NMC) की ओर से पालकी के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। पूरे मार्ग में साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की गई ताकि वारकरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस अवसर पर नासिक शहर की मेयर हिमगौरी अडके, डिप्टी मेयर विलास शिंदे और सिटी कमिश्नर मनीषा खत्री सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही कई स्थानीय नेता और गणमान्य नागरिक भी पालकी दर्शन के लिए उपस्थित हुए।

कार्यक्रम के दौरान वारकरियों का पारंपरिक स्वागत किया गया और शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पालकी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और इस आयोजन को महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बताया।

इस मौके पर एक विशेष दृश्य तब देखने को मिला जब मेयर हिमगौरी अडके और डिप्टी मेयर विलास शिंदे ने वारकरियों के साथ पारंपरिक फुगड़ी खेली। इस पहल ने आयोजन में उत्साह और भी बढ़ा दिया और लोगों ने इसे प्रशासन और जनता के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का उदाहरण बताया।

नासिक नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि आषाढ़ी पालकी यात्रा के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और इस बार भी बारिश के बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

वारकरियों का कहना है कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है, जो उन्हें भक्ति और समर्पण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

पूरे शहर में पालकी के आगमन के साथ ही धार्मिक गीतों, अभंगों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए जलपान और सेवा की व्यवस्था भी की।

प्रशासन ने बताया कि आने वाले दिनों में आषाढ़ी एकादशी को देखते हुए और भी बड़ी संख्या में वारकरियों के आने की संभावना है, जिसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा और व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

कुल मिलाकर, निवृत्तिनाथ महाराज की आषाढ़ी पालकी का नासिक आगमन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और जनभागीदारी का एक भव्य उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

Next Story