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Nashik : डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्री मित्र कमेटी बैठक में उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर जोर

Maharashtra महाराष्ट्र: जिले में आयोजित डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्री मित्र कमेटी की बैठक में जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और उद्यमियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना है।
कलेक्ट्रेट में हुई इस बैठक में जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले के औद्योगिक क्षेत्रों और इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में संचालित इकाइयों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समाधान समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, ताकि निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने उद्यमियों से अपील की कि वे सरकारी सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें। उन्होंने विशेष रूप से आपले सरकार पोर्टल के माध्यम से आवेदन, प्रमाण पत्र और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को अपनाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि डिजिटल माध्यम से न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उद्यमियों को अनावश्यक देरी या दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और तय समय सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराएं।
जिला कलेक्टर ने कहा कि उद्योग किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की रीढ़ होते हैं, इसलिए उनका सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्योगों से जुड़ी अनुमति, लाइसेंस और अन्य प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाया जाए, ताकि नए निवेशकों को आकर्षित किया जा सके और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने भी अपनी विभिन्न समस्याओं को सामने रखा, जिनमें बिजली, जमीन आवंटन, लाइसेंस प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक अड़चनों से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। इस पर जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर कार्य में बाधा न आए। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्यमियों की शिकायतों को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा और प्रत्येक मामले को समयबद्ध तरीके से निपटाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य उद्योगों को बढ़ावा देना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
इस बैठक को जिले में औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें प्रशासन और उद्यमियों के बीच संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे संवाद से समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा और निवेश का माहौल बेहतर बनेगा।
अंत में जिला कलेक्टर ने सभी विभागों से अपेक्षा जताई कि वे उद्योगों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और जिले को औद्योगिक विकास के नए स्तर पर ले जाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।





