महाराष्ट्र

Nasarpur : दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी को फांसी की सजा

Kavita2
29 Jun 2026 1:59 PM IST
Nasarpur : दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी को फांसी की सजा
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के चर्चित नसरपुर दुष्कर्म और हत्या मामले में पुणे सेशंस कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश एस. आर. सालुंखे ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय सुनाया। मामला तीन वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या से जुड़ा था, जिसने पूरे राज्य में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया था।

अदालत ने इससे पहले 1 मई को हुई इस घटना के मामले में भीमराव कांबले को दोषी ठहराया था। दोष सिद्ध होने के बाद सोमवार को सजा पर सुनवाई हुई, जिसमें अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रखे। सभी पक्षों को सुनने के बाद विशेष अदालत ने दोषी को मृत्युदंड देने का फैसला सुनाया।

निर्णय सुनाते समय न्यायाधीश एस. आर. सालुंखे ने सजा के आधार और उसके पीछे के कारणों को भी विस्तार से पढ़कर सुनाया। अदालत ने मामले की गंभीरता और अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला दिया।

यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब नसरपुर क्षेत्र में तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। घटना सामने आने के बाद पूरे महाराष्ट्र में लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

सोमवार को सजा सुनाए जाने के दौरान पुणे सेशंस कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। अदालत परिसर में आने-जाने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी गई।

सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिवार के सदस्य भी अदालत में मौजूद रहे। फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत में मौजूद लोगों ने राहत की भावना व्यक्त की। हालांकि, मामले की गंभीरता के कारण पूरे समय अदालत का माहौल शांत और गंभीर बना रहा।

अभियोजन पक्ष ने अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर दोषी को मृत्युदंड देने का निर्णय सुनाया।

कानूनी प्रक्रिया के तहत अब दोषी को सुनाई गई फांसी की सजा उच्च न्यायालय की पुष्टि के अधीन होगी। भारतीय कानून के अनुसार, सेशंस कोर्ट द्वारा दिए गए मृत्युदंड के आदेश को लागू करने से पहले संबंधित उच्च न्यायालय की मंजूरी आवश्यक होती है। इसके बाद दोषी के पास उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय और दया याचिका जैसे कानूनी विकल्प भी उपलब्ध रहते हैं।

इस फैसले के बाद नसरपुर दुष्कर्म और हत्या मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। घटना ने बाल सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर पहले ही व्यापक बहस छेड़ दी थी। अब अदालत के फैसले के बाद इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने अदालत के फैसले के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। वहीं पीड़िता के परिवार ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और न्याय मिलने की उम्मीद जताई।

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