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मुंबई : महाराष्ट्र के पोर्ट्स डेवलपमेंट और फिशरीज मंत्री नितेश नारायण राणे ने राज्य में समुद्री परिवहन और बंदरगाह विकास को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास रेडियो क्लब में प्रस्तावित जेटी का काम दिसंबर 2027 तक पूरा होने के बाद कोलाबा से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) तक का सफर महज 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे मुंबई और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कोंकण क्षेत्र के कंकावली विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके नितेश राणे मंगलवार को नरीमन पॉइंट स्थित द फ्री प्रेस जर्नल के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने एक विशेष बातचीत के दौरान राज्य के पोर्ट विकास, शिपिंग सेक्टर और मछुआरा समुदाय से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी।
नितेश राणे ने बताया कि जब उन्होंने दिसंबर 2024 में पोर्ट्स डेवलपमेंट और फिशरीज मंत्रालय का कार्यभार संभाला, तब से विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पास पहले अपनी अलग शिपबिल्डिंग, शिपब्रेकिंग और शिप रिपेयर पॉलिसी नहीं थी। सरकार ने कार्यभार संभालने के शुरुआती 100 दिनों के भीतर ही इस दिशा में नई नीति तैयार कर लागू की।
मंत्री ने कहा कि नई शिपबिल्डिंग पॉलिसी से राज्य में जहाज निर्माण, मरम्मत और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जो भी निवेशक महाराष्ट्र में शिपबिल्डिंग सुविधाएं स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें सरकार की ओर से कई स्तरों पर सहायता दी जाएगी। इसमें जमीन की उपलब्धता, पर्यावरण संबंधी मंजूरियां और अन्य प्रक्रियाओं को आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पास लंबा समुद्री तट है और राज्य में बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी संभावनाएं हैं। नई नीतियों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य रोजगार के अवसर बढ़ाना और समुद्री क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना है।
नितेश राणे ने मुंबई की समुद्री कनेक्टिविटी को लेकर कहा कि गेटवे ऑफ इंडिया क्षेत्र में बनने वाली जेटी परियोजना से परिवहन के नए विकल्प खुलेंगे। वर्तमान में मुंबई से नवी मुंबई तक सड़क मार्ग से जाने में काफी समय लगता है, लेकिन समुद्री मार्ग शुरू होने के बाद यह दूरी बहुत कम समय में तय की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि कोलाबा से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी जेटी सेवा शुरू होने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे खासतौर पर हवाई यात्रियों को फायदा होगा, जो मुंबई शहर से एयरपोर्ट तक जल्दी पहुंचना चाहते हैं।
मंत्री ने फिशरीज सेक्टर को लेकर भी सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मछुआरा समुदाय राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सरकार उनके हितों को ध्यान में रखकर कई योजनाओं पर काम कर रही है। मछुआरों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, उनकी आय बढ़ाने और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बंदरगाह विकास और मत्स्य पालन दोनों क्षेत्रों में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की जरूरत है। सरकार का प्रयास है कि पारंपरिक मछुआरों को आधुनिक सुविधाएं मिलें और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सके।
महाराष्ट्र सरकार समुद्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुंबई जैसे महानगर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जल परिवहन को एक बेहतर विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समुद्री परिवहन नेटवर्क मजबूत होता है तो सड़क मार्ग पर दबाव कम किया जा सकता है।
नितेश राणे ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र को समुद्री क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए बंदरगाहों के विस्तार, जहाज निर्माण उद्योग और समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नई नीतियों से न केवल बड़े उद्योगों को फायदा होगा, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। समुद्री क्षेत्र से जुड़े उद्योगों में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दे रही है। जेटी परियोजना समेत अन्य योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
मुंबई और नवी मुंबई के बीच बेहतर संपर्क की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में समुद्री मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से यात्रियों को वैकल्पिक और तेज परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
फिलहाल रेडियो क्लब जेटी परियोजना को लेकर सरकार की योजना पर काम जारी है। दिसंबर 2027 तक इसके पूरा होने के बाद मुंबई की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि मुंबई के समुद्री बुनियादी ढांचे को भी नई पहचान मिल सकती है।





