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Mumbai: खतरा महसूस होते ही थम जाएगी मोनोरेल, नई तकनीक से हादसों पर लगेगी रोक

Admindelhi1
21 July 2026 1:56 PM IST
Mumbai: खतरा महसूस होते ही थम जाएगी मोनोरेल, नई तकनीक से हादसों पर लगेगी रोक
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मोनोरेल संचालन होगा और सुरक्षित, ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी

मुंबई: मुंबई की मोनोरेल की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन अब मोनोरेल हाईटेक तकनीक के नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। अत्याधुनिक कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल प्रणाली से लैस 10 नए रेक अंतिम परीक्षण के दौर से गुजर रहे हैं। अब खतरे के भांपते ही मोनोरेल में ऑटोमैटिक ब्रेक लगेगा और ट्रेन समय रहते रूक जाएगी।

सीबीटीसी तकनीक में मोनोरेल रेक आपस में लगातार संवाद करते हुए एक-दूसरे की स्थिति और दूरी पर नजर रखते हैं। दो रेकों के बीच की कम होने पर सिस्टम खुद गति नियंत्रित कर आवश्यकता पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा देता है। इससे दुर्घटना की आशंका काफी कम हो जाती है। फिलहाल सभी रेकों का तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण जारी है। सभी मानकों पर सफल होने और संभावित खामियां दूर होने के बाद ही इन्हें नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। नई सीबीटीसी तकनीक मोनोरेल संचालन को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और स्मार्ट बनाएगी। यदि दो रेकों के बीच की दूरी निर्धारित सुरक्षा सीमा, यानी लगभग 200 से 500 मीटर से कम होने लगती है, तो प्रणाली खुद सक्रिय होकर मोनोरेल की गति नियंत्रित करेगी। आवश्यकता पड़ने पर बिना चालक के हस्तक्षेप के स्वतः ब्रेक भी लगा देगी। इससे टक्कर जैसी दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाएगी और संचालन की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

मोनोरेल अधिकारियों के अनुसार नए रेकों में केवल आधुनिक तकनीक ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी कारण प्रत्येक रेक का विभिन्न परिस्थितियों में परीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या प्रणालीगत त्रुटि का समय रहते पता लगाया जा सके। परीक्षण के दौरान सामने आने वाली सभी कमियों को दूर करने के बाद ही अंतिम सुरक्षा मंजूरी दी जाएगी। हर सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें पटरी पर उतारा जाएगा।

एमएमआरडीए का कहना है कि सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी तकनीकी जांच, सुरक्षा मानकों और प्रदर्शन परीक्षणों में पूरी तरह सफल होने के बाद ही सीबीटीसी तकनीक से लैस 10 नए मोनोरेल रेक यात्रियों की सेवा के लिए पटरी पर उतरेंगे। नई तकनीक के लागू होने से मुंबई मोनोरेल का संचालन अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनने की उम्मीद है।

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