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Mumbai : उद्धव गुट को झटका, सचिन अहीर शिंदे गुट में शामिल

Maharashtra महाराष्ट्र: राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब शिवसेना (UBT) प्रमुख Uddhav Thackeray को एक और राजनीतिक झटका लगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य सचिन अहीर ने शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम लिया। यह कदम राज्य की राजनीति में शक्ति संतुलन को और प्रभावित करने वाला माना जा रहा है।
सचिन अहीर के शिंदे गुट में शामिल होने के तुरंत बाद उन्होंने महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति (डिप्टी चेयरमैन) पद के लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया। वे अब इस पद के लिए शिंदे गुट के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर चुके हैं। उनके इस कदम से विधान परिषद की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
नामांकन दाखिल करते समय सचिन अहीर के साथ राज्य के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की मौजूदगी भी देखी गई। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar भी मौजूद रहे। इस संयुक्त उपस्थिति को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सचिन अहीर का यह कदम शिवसेना (UBT) के लिए संगठनात्मक स्तर पर एक और बड़ा झटका है। पहले ही पार्टी में कई नेताओं के अलग होने और विभाजन के बाद संगठन कमजोर स्थिति में माना जा रहा था। ऐसे में एक और वरिष्ठ नेता का शिंदे गुट में जाना पार्टी के लिए चुनौती बढ़ा सकता है।
Mumbai, Maharashtra: Shiv Sena (UBT) MLC Sachin Ahir joined the Shiv Sena led by DCM Eknath Shinde and filed his nomination for the post of Deputy Chairman of the Maharashtra Legislative Council as the Shiv Sena candidate pic.twitter.com/F53g9T1NMD
— IANS (@ians_india) June 30, 2026
सूत्रों के अनुसार, सचिन अहीर लंबे समय से राजनीतिक असंतोष और संगठनात्मक फैसलों से असहमत थे। इसी वजह से उन्होंने नया राजनीतिक रास्ता चुनने का निर्णय लिया। शिंदे गुट में शामिल होने के बाद उन्हें विधान परिषद में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।
दूसरी ओर, शिंदे गुट इस घटनाक्रम को अपनी राजनीतिक ताकत के रूप में पेश कर रहा है। नेताओं का कहना है कि यह दिखाता है कि राज्य में उनकी नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। सचिन अहीर जैसे अनुभवी नेता का शामिल होना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन पद के लिए नामांकन दाखिल होने के बाद अब मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। यह पद राज्य विधानमंडल में महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके लिए राजनीतिक समीकरणों की भूमिका अहम रहती है।
इस घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) खेमे में असहजता देखी जा रही है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे उद्धव ठाकरे के लिए एक और झटके के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य की राजनीति में पहले से ही सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है, और ऐसे में नेताओं का पाला बदलना समीकरणों को लगातार बदल रहा है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम के और राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
कुल मिलाकर, सचिन अहीर का शिंदे गुट में शामिल होना महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसने न केवल उद्धव ठाकरे गुट को कमजोर किया है बल्कि विधान परिषद की चुनावी लड़ाई को भी और अधिक दिलचस्प बना दिया है।





