महाराष्ट्र

मुंबई पवई किडनैपिंग केस: फॉरेंसिक टीम ने संभाली जांच

SHIDDHANT
30 Oct 2025 10:13 PM IST
मुंबई पवई किडनैपिंग केस: फॉरेंसिक टीम ने संभाली जांच
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Mumbai मुंबई। पवई इलाके में बच्चों को बंधक बनाए जाने की सनसनीखेज घटना के बाद अब मामले की जांच फॉरेंसिक विशेषज्ञों के हवाले कर दी गई है। गुरुवार को मुंबई पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू की। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और हर उस बिंदु की जांच की, जो इस पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, यह वही मामला है जिसमें आरोपी रोहित आर्य ने 20 से अधिक बच्चों को पवई के एक इलाके में बंधक बना लिया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सभी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन घटना ने पूरे शहर को हिला दिया था। अब, फॉरेंसिक टीम भौतिक और डिजिटल सबूतों का विश्लेषण करेगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने यह साजिश कितने समय से रची थी और इसमें कहीं किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट, डीएनए सैंपल, फर्श और दीवारों से जैविक साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। साथ ही, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जब्त कर ली गई है ताकि आरोपी की गतिविधियों की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सके।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने बताया कि अपराध स्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है, और किसी भी तरह की गड़बड़ी या सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना नहीं छोड़ी जाएगी। टीम अब सैंपल्स को लैब भेजेगी, जहां उनका वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की मानसिक स्थिति और संभावित मकसद को लेकर भी जांच जारी है। बताया जा रहा है कि आरोपी का किसी सरकारी भुगतान विवाद से जुड़ा हुआ तनाव इस पूरी घटना का कारण हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी के पीछे कोई संगठित गिरोह या मानसिक दबाव समूह सक्रिय था।
फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि “इस तरह की घटनाएं केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना से भी जुड़ी होती हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी और वैज्ञानिक जांच बेहद अहम है।”
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की तत्परता और बच्चों की सुरक्षित रिहाई के लिए राहत जताई है। फिलहाल, आरोपी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट हो जाएगी।
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