महाराष्ट्र

मुंबई पुलिस का ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान, 100 से ज्यादा BMC स्कूलों में छात्रों को किया जागरूक

Kavita2
14 July 2026 9:51 AM IST
मुंबई पुलिस का ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान, 100 से ज्यादा BMC स्कूलों में छात्रों को किया जागरूक
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मुंबई : युवाओं को नशे से दूर रखने और छात्रों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मुंबई पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया। रविवार को शहर के 100 से ज्यादा बीएमसी (BMC) स्कूलों में ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान में 4,000 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया।

अभियान के दौरान छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों और विशेषज्ञों ने छात्रों को समझाया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।

मुंबई पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्रों को कम उम्र में ही नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना था। अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता और सही मार्गदर्शन बेहद जरूरी है।

इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) पूर्णिमा चौगुले श्रृंगी ने छात्रों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से सतर्क रहने और जीवन में सोच-समझकर फैसले लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी गलत आदत की शुरुआत अक्सर छोटे फैसलों से होती है, इसलिए छात्रों को अपने आसपास के माहौल और संगति को लेकर सावधान रहना चाहिए।

DCP ने छात्रों को बताया कि नशे की शुरुआत कई बार दोस्तों के दबाव या जिज्ञासा के कारण होती है। ऐसे समय में जरूरी है कि छात्र आत्मविश्वास के साथ गलत चीजों को मना करें और सही विकल्प चुनें। उन्होंने छात्रों को अपने भविष्य और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी।

कार्यक्रम में मनोचिकित्सक डॉ. नीलेश वसंत मोहिते ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने नशीले पदार्थों के सेवन से मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्रग्स का सेवन धीरे-धीरे व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, व्यवहार और भावनात्मक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

डॉ. मोहिते ने छात्रों को बताया कि तनाव, चिंता या किसी परेशानी की स्थिति में नशे का सहारा लेना समाधान नहीं है। इसके बजाय छात्रों को परिवार, शिक्षकों और विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी।

इस अभियान में विशेषज्ञ अक्षय कुमार एस शेत ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों को नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को न केवल खुद नशे से दूर रहना चाहिए, बल्कि अपने दोस्तों को भी सही फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

उन्होंने छात्रों को बताया कि एक अच्छा दोस्त वही होता है जो अपने साथियों को गलत रास्ते से बचाए और उन्हें बेहतर विकल्प चुनने में मदद करे। उन्होंने युवाओं से खेल, पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों में ध्यान लगाने की अपील की।

मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान के तहत लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को इसके नुकसान के बारे में जानकारी देकर रोकथाम पर भी ध्यान देना है।

एंटी नारकोटिक्स सेल समय-समय पर स्कूल और कॉलेजों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है, ताकि छात्रों को नशीले पदार्थों से जुड़े खतरों के बारे में सही जानकारी मिल सके। अधिकारियों का मानना है कि यदि युवाओं को समय रहते जागरूक किया जाए तो उन्हें नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है।

अभियान में शामिल छात्रों ने भी इसे उपयोगी बताया। कई छात्रों ने कहा कि उन्हें पहली बार विस्तार से पता चला कि ड्रग्स किस तरह शरीर और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। छात्रों ने नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।

मुंबई पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह के जागरूकता अभियान जारी रहेंगे। पुलिस का लक्ष्य शहर के ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंचना और उन्हें नशे के खिलाफ मजबूत बनाना है।

‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान को युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस, विशेषज्ञों और शिक्षण संस्थानों के संयुक्त प्रयास से नशे के खिलाफ जागरूकता को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

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