महाराष्ट्र

पूर्व CFO पर 1.19 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

Kavita2
20 Aug 2026 11:24 AM IST
पूर्व CFO पर 1.19 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार
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मुंबई। मुंबई की MIDC पुलिस ने एक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी के साथ कथित तौर पर 1.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और चार्टर्ड अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कंपनी के वित्तीय खातों और क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल कर बड़ी रकम निकालने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 44 वर्षीय पंकज गुप्ता के रूप में हुई है। उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया। इसके बाद 15 अगस्त को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आर्थर रोड जेल भेज दिया गया।

MIDC पुलिस के मुताबिक, यह मामला एक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़ा है। कंपनी की ओर से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि दिसंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच कंपनी के क्रेडिट कार्ड और करंट अकाउंट से कई संदिग्ध लेनदेन किए गए थे।

पुलिस के अनुसार, इस अवधि के दौरान कुल 32 संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए। इन लेनदेन की जांच करने पर पुलिस को शक हुआ कि कंपनी के वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया गया। इसके बाद मामले की गहराई से जांच शुरू की गई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पंकज गुप्ता की भूमिका की जांच की। आरोप है कि कंपनी में CFO के पद पर रहते हुए आरोपी को वित्तीय खातों और लेनदेन की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने कथित रूप से कंपनी के पैसों का दुरुपयोग किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित धोखाधड़ी में अकेले आरोपी की भूमिका थी या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।

चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के कारण आरोपी को कंपनी के वित्तीय कामकाज की अच्छी जानकारी थी। पुलिस का मानना है कि इसी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर संदिग्ध लेनदेन को अंजाम दिया गया होगा। हालांकि, इस मामले में आगे की जांच जारी है।

कंपनी को जब इन संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली तो आंतरिक जांच कराई गई। इसके बाद कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर MIDC पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी बेंगलुरु में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुंबई लेकर आई।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर निकाली गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। साथ ही बैंक खातों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों में वित्तीय पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी के मामलों में आंतरिक निगरानी व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। बड़े वित्तीय लेनदेन के लिए कई स्तरों पर जांच और मंजूरी की व्यवस्था होने से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।

कॉर्पोरेट फ्रॉड के मामलों में आरोपी अक्सर कंपनी के भीतर अपनी पहुंच और जानकारी का फायदा उठाते हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग ट्रेल और वित्तीय दस्तावेज जांच के लिए अहम सबूत साबित होते हैं।

MIDC पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अगर जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल आरोपी पंकज गुप्ता जेल में है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। 1.19 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के इस मामले ने कंपनियों में वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।

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