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Mumbai : राज्य में ‘वन नेशन, वन ई-चालान’ प्रोजेक्ट को मंजूरी, पूरे महाराष्ट्र में होगा लागू

Maharashtra महाराष्ट्र: राज्य सरकार ने मंगलवार को सड़क यातायात व्यवस्था को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘वन नेशन, वन ई-चालान’ प्रोजेक्ट को पूरे राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद ट्रैफिक नियम उल्लंघन से जुड़े चालानों की प्रक्रिया पूरी तरह एकीकृत डिजिटल सिस्टम के तहत संचालित होगी।
सरकारी प्रस्ताव (GR) के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है और इसकी अनुमानित लागत 19.35 करोड़ रुपये तय की गई है। यह परियोजना पहले चरण में मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे प्रमुख शहरों में शुरू की गई थी, जहां इसके शुरुआती परिणाम सकारात्मक पाए गए।
अब इसे पूरे राज्य में विस्तार देने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला 13 अप्रैल को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) की अध्यक्षता में आयोजित हाई-पावर्ड कमेटी की बैठक में लिया गया था। बैठक में प्रोजेक्ट के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के बाद इसे राज्यव्यापी स्तर पर लागू करने की सिफारिश की गई।
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ट्रैफिक) को इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में राज्यभर में ई-चालान सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
इस डिजिटल सिस्टम के माध्यम से ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर चालान की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और केंद्रीकृत होगी। इससे अलग-अलग शहरों में अलग-अलग सिस्टम की समस्या समाप्त होने की उम्मीद है। साथ ही, डेटा का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार किया जा सकेगा।
अधिकारियों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के लागू होने से न केवल यातायात नियमों के पालन में सुधार होगा, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इसके साथ ही चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम होंगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा और नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान की जाएगी।
पहले चरण के अनुभवों के आधार पर अब इस योजना को राज्य के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। आने वाले समय में इसके जरिए ट्रैफिक नियमों के पालन की निगरानी और भी सख्त और प्रभावी होने की उम्मीद है।





