महाराष्ट्र

Mumbai: महाराष्ट्र की वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थिति: फडणवीस

Admindelhi1
23 May 2026 11:23 AM IST
Mumbai: महाराष्ट्र की वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थिति: फडणवीस
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मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मुंबई में कहा कि महाराष्ट्र रिसर्च, इनोवेशन और ग्लोबल इकॉनमी में लगातार बढ़त हासिल कर रहा है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी की मदद से महाराष्ट्र सभी सेक्टर में देश में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज बांद्रा कुर्ला काम्पलेक्स में स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में इमेजिनेक्स 2026 इवेंट कार्यक्रम में अपना विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र देश की स्टार्टअप और यूनिकॉर्न कैपिटल है। 2015 में महाराष्ट्र की इकॉनमी करीब 14 लाख करोड़ रुपये की थी, जो आज 54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। पिछले 10 सालों में हमने अपनी इकॉनमी का साइज तीन गुना से भी ज्यादा कर लिया है।महाराष्ट्र का औसत ग्रोथ रेट 10 परसेंट रहा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इकॉनमिक स्कोप के मामले में महाराष्ट्र भारत के किसी दूसरे राज्य से मुकाबला नहीं करता, बल्कि दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है। अगले 2 से 3 सालों में महाराष्ट्र सिंगापुर और यूएई की इकॉनमी को भी पीछे छोडऩे वाला है। इस लक्ष्य को पाने के लिए टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस 'फ़ोर्स मल्टीप्लायर' का काम कर रहे हैं। इसमें जियोग्राफिक़ल इन्फ़ॉर्मेशन सिस्टम, डेटा ट्रैकिंग और डेटा पूल का असरदार इस्तेमाल किया जा रहा है। यह लक्ष्य सिर्फ़ कागज़ों पर नहीं है, इसके लिए एक 'इकॉनमिक एडवाइजऱी कमेटी' बनाई गई है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर सुधारों के लिए 2000 डेटा पॉइंट तैयार करके संबंधित डिपार्टमेंट को सौंप दिए गए हैं। इस प्रोग्रेस को मॉनिटर करने के लिए एक 'विजऩ मैनेजमेंट यूनिट' बनाई गई है। सभी डिपार्टमेंट का परफॉर्मेंस रेट 75 से 95 परसेंट के बीच है। भारत में एमओयू के डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट में बदलने का एवरेज रेट 35 परसेंट है, जबकि महाराष्ट्र में यह 55 से 60 परसेंट है। दावोस में साइन किए गए एग्रीमेंट के डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट में बदलने का रेट 85 परसेंट तक है। हर एमओयू के लिए एक 'रिलेशनशिप मैनेजर' रखा गया है और इसे सीधे वॉर रूम के ज़रिए मॉनिटर किया जाता है।

महाराष्ट्र सरकार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर किए गए काम पर बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, अगर हमें इकोनॉमिक सेक्टर, बिजनेस और इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाए रखनी है, तो हमें बहुत जल्दी एआई को अपनाना होगा। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित एक नया डिपार्टमेंट बनाया है और एक कमिश्नरेट बनाया है। सरकार ने एडमिनिस्ट्रेशन में एआई का इस्तेमाल पहले ही शुरू कर दिया है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित एक नया सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम और हमारे पूरे क्रिमिनल सिस्टम को संभालने में एक्यूरेसी और स्पीड आई है। क्राइम सीन से लेकर चार्जशीट तक, पूरा प्रोसेस डिजिटल हो गया है। यह पूरा प्रोसेस ब्लॉकचेन में है।

किसानों के लिए 'महाविस्तार' ऐप बनाया गया है। महाराष्ट्र में 50 लाख किसानों ने ऐप डाउनलोड किया है। यह एग्रीकल्चर सेक्टर की हर चीज़ के लिए 'वन स्टॉप सॉल्यूशन' है। इस ऐप के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित एजेंट किसानों के सवालों के जवाब देते हैं। इस ऐप में आदिवासी भाषा 'भिल्ली' को भी शामिल किया गया है। इसलिए, भील भाषा बोलने वाला कोई भी आदिवासी भाई इस बारे में सवाल पूछ सकता है। अब जब हम एआई के ज़माने में आ गए हैं, तो हम सभी को खुले मन से इसका स्वागत करना चाहिए। जितना ज़्यादा डेटा बनेगा, एआई मॉडल उतना ही ज़्यादा ट्रेंड होगा। भारत की आबादी बहुत युवा और महत्वाकांक्षी है। 65 प्रतिशत से ज़्यादा लोग 35 साल से कम उम्र के हैं, जहाँ एआई को अपनाना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है ।

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