महाराष्ट्र

मुंबई इन मिनट्स पर काम कर रही सरकार, 59 मिनट में MMR यात्रा का लक्ष्य: एकनाथ शिंदे

Kavita2
30 Sept 2026 10:43 AM IST
मुंबई इन मिनट्स पर काम कर रही सरकार, 59 मिनट में MMR यात्रा का लक्ष्य: एकनाथ शिंदे
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मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि विकास को केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट या आर्थिक आंकड़ों के आधार पर नहीं मापा जाना चाहिए, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि उससे आम नागरिकों की जिंदगी कितनी बेहतर होती है। मंगलवार को रिपब्लिक समिट 2026 में “मुंबई राइजिंग: बिल्डिंग द इंफ्रास्ट्रक्चर ऑफ ए ग्रेट पावर” विषय पर बोलते हुए शिंदे ने मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के भविष्य को लेकर सरकार का व्यापक विजन पेश किया।

शिंदे ने कहा कि मुंबई का विकास केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध महाराष्ट्र और देश की आर्थिक प्रगति से है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं में तेज कनेक्टिविटी, बेहतर सार्वजनिक परिवहन, नए आर्थिक केंद्र, किफायती आवास और पर्यावरण संरक्षण को शामिल बताया। उनके अनुसार आने वाले वर्षों में मुंबई को ऐसी वैश्विक महानगरी के रूप में विकसित करने की कोशिश है, जहां रोजगार, निवेश और रहने की गुणवत्ता तीनों में सुधार हो।

उपमुख्यमंत्री ने खास तौर पर ‘मुंबई इन मिनट्स’ कॉन्सेप्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा का समय अधिकतम 59 मिनट तक सीमित करना है। इसके लिए मेट्रो नेटवर्क, सड़क, सुरंग, पुल और अन्य ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित किया जा रहा है।

शिंदे ने ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यात्रा के समय को कम करने के साथ व्यापार और रोजगार को भी फायदा होगा। वहीं मेट्रो नेटवर्क को उन्होंने मुंबई के भविष्य की रीढ़ बताया और कहा कि मेट्रो लाइन 3 सहित विभिन्न कॉरिडोर लाखों यात्रियों को राहत दे रहे हैं।

सरकार का फोकस मुंबई के विकास को केवल पारंपरिक शहर सीमा तक सीमित रखने पर नहीं है। शिंदे ने कहा कि अटल सेतु के आसपास ‘थर्ड मुंबई’ विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य शहर के विकास को दक्षिण मुंबई, पश्चिमी उपनगर और पूर्वी हिस्सों तक सीमित न रखकर नए क्षेत्रों तक विस्तार देना है। उन्होंने कहा कि सड़क, मेट्रो, एयरपोर्ट, पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, आवास, व्यावसायिक केंद्र और रोजगार हब को अलग-अलग प्रोजेक्ट के बजाय एकीकृत रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए।

शिंदे ने अटल सेतु, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेएनपीटी और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्टों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके जरिए मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में नए विकास केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक सरकार चाहती है कि महाराष्ट्र में आने वाला विदेशी निवेश केवल मुंबई तक सीमित न रहे, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी उद्योग और रोजगार पैदा करे।

मुंबई को वित्तीय और सेवा क्षेत्र के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी सरकार के विजन का हिस्सा है। शिंदे ने कहा कि मुंबई को दुनिया के प्रमुख फिनटेक हब में शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि शहर में एक हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और फिनटेक, ई-कॉमर्स, हेल्थटेक, एडटेक तथा डीप टेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से नए उद्यम सामने आ रहे हैं।

महाराष्ट्र के दूसरे शहरों के लिए भी अलग-अलग विकास मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। शिंदे के मुताबिक पुणे को टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब, नवी मुंबई को लॉजिस्टिक्स और एविएशन सेंटर तथा ठाणे और कल्याण-डोंबिवली को नए ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र और कोंकण में भी उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर है।

आवास के मुद्दे पर शिंदे ने कहा कि सरकार ने 2030 तक कम आय वर्ग और जरूरतमंद नागरिकों के लिए 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि मुंबई को विश्वस्तरीय शहर बनाने की प्रक्रिया में उसकी पहचान और आम लोगों की जरूरतों को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा। टैक्सी चालकों, BEST कर्मचारियों, डब्बावालों, छोटे दुकानदारों, युवाओं, फैक्ट्री कर्मचारियों, दफ्तर जाने वालों और छात्रों की जिंदगी आसान बनाना भी इंफ्रास्ट्रक्चर नीति का अहम उद्देश्य है।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी शिंदे ने कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मैंग्रोव संरक्षण, सीवेज ट्रीटमेंट, बाढ़ नियंत्रण, हरित क्षेत्रों के विस्तार और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन पर सरकार काम कर रही है। मुंबई में खुले स्थानों का क्षेत्र भी बढ़ाने की योजना है। मौजूदा करीब 453 हेक्टेयर खुले क्षेत्र के साथ नए विकास प्लान में लगभग 479 हेक्टेयर अतिरिक्त खुला क्षेत्र प्रस्तावित है।

शिंदे ने कहा कि मुंबई और MMR की योजना आज की जरूरतों के हिसाब से ही नहीं बल्कि अगले 20 से 30 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए। तेजी से बढ़ती आबादी, रोजगार और यात्रा की जरूरतों को देखते हुए भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को पहले से तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सरकार का फोकस तेज विकास, निवेश के अनुकूल वातावरण, वैश्विक स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर है।

रिपब्लिक समिट में शिंदे का मुख्य संदेश यही रहा कि मुंबई का विकास केवल नई सड़क, पुल या मेट्रो लाइन बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। यदि यात्रा का समय कम होता है, लोगों को बेहतर घर और रोजगार मिलते हैं और शहर अधिक सुरक्षित तथा रहने योग्य बनता है, तभी विकास का वास्तविक फायदा आम नागरिक तक पहुंचता है।

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