महाराष्ट्र

Mumbai: पूर्व MP नवनीत राणा जाली जाति प्रमाण पत्र मामले में बरी, पिता का ट्रायल जारी

nidhi
8 Jan 2026 11:17 AM IST
Mumbai: पूर्व MP नवनीत राणा जाली जाति प्रमाण पत्र मामले में बरी, पिता का ट्रायल जारी
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पूर्व MP नवनीत राणा जाली जाति प्रमाण पत्र मामले
Mumbai : मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में दर्ज जाली जाति प्रमाण पत्र मामले में पूर्व सांसद और BJP नेता **नवनीत राणा** को हाल ही में एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बरी कर दिया। इस फैसले के साथ ही राणा के खिलाफ दर्ज आरोप खत्म हो गए, जबकि उनके पिता **हरभजन राणा** के खिलाफ मामला अब भी जारी रहेगा।
इस मामले की शुरुआत एक **सोशल एक्टिविस्ट की शिकायत** से हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नवनीत राणा ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए **SC (अनुसूचित जाति) कैंडिडेट** के रूप में रिजर्व अमरावती सीट पर जो जाति प्रमाण पत्र जमा किया था, वह **जाली था**। शिकायत के बाद, मुलुंड पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी।
इस मामले में विवाद तब और बढ़ा जब **बॉम्बे हाई कोर्ट** ने पहले राणा को जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया था और कहा कि यह धोखे से हासिल किया गया। इस फैसले के कारण राणा के चुनाव लड़ने के अधिकार पर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि, **अप्रैल 2024 में सुप्रीम कोर्ट** ने उनका SC प्रमाण पत्र बहाल कर दिया, जिससे उन्हें लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेने का अधिकार मिल गया।
नवनीत राणा और उनके पिता हरभजन राणा दोनों ने लगातार यह दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप **राजनीतिक रूप से प्रेरित** हैं। राणा ने कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक करियर और समाज सेवा के कार्यों में किसी तरह की बाधा स्वीकार्य नहीं थी।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बरी करते हुए कहा कि नवनीत राणा के खिलाफ **कानूनी रूप से पर्याप्त साक्ष्य** नहीं पाए गए और उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि उनके पिता के खिलाफ मामला **जारी रहेगा** और जांच पूरी होने तक उन्हें सुनवाई का सामना करना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले से नवनीत राणा को **राजनीतिक दबाव और विवादों** से निजात मिली है, लेकिन उनके परिवार पर लगे आरोप अब भी उनके राजनीतिक छवि के लिए एक चुनौती बने रहेंगे। BJP सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने इस मामले को संवेदनशील तरीके से संभाला और न्यायपालिका के फैसले का सम्मान किया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मामला भारतीय चुनावी और जाति आधारित आरक्षण सिस्टम की **जटिलताओं** को भी सामने लाता है। जाली प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों में अक्सर **राजनीतिक विरोध और कानूनी लड़ाई** सामने आती है, और इस केस में भी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों ने जनता के बीच इस प्रक्रिया की जटिलताओं को उजागर किया।
नवनीत राणा की बरी होने की खबर ने उनके समर्थकों में **खुशी और राहत** पैदा की है, और उनके राजनीतिक करियर पर इसका सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, उनके पिता का ट्रायल अब भी राजनीतिक और कानूनी नज़रिए से **सार्वजनिक और मीडिया ध्यान** में बना हुआ है।
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