- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- Mumbai: एफडीए की कमी,...
Mumbai: एफडीए की कमी, खाद्य मिलावट पर नियंत्रण चुनौतीपूर्ण

मुंबई: महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने त्यौहारी सीजन में मिलावट खोरों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। लेकिन एफडीए अधिकारियों के कमी के कारण मिलावट पर अंकुश लगाने में प्रशासन असहज महशूस कर रहा है। एफडीए आयुक्त राजेश नार्वेकर का खुद मानना है कि राज्य में 1100 अधिकारियों की जरूरत है, जबकि फील्ड पर 130 ही कार्यरत हैं और 194 प्रशिक्षण ले रहे हैं।
नार्वेकर के अनुसार एफडीए पिछले कुछ वर्षों से रेहड़ी-पटरी वालों और महिला बचत गुटों समूहों को प्रशिक्षण दे रहा है। मिठाई की दुकानों, क्लाउड किचन, होटलों, दूध में मिलावट जैसी हर चीज की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण है. पिछले दो महीनों में एफडीए ने मुंबई शहर में 10 हजार 875 किलो की खान- पान की वस्तुएं जब्त की है, जिसकी कीमत 18 लाख 69 हजार के आसपास है. इसमें मिलावटी पनीर, दूध, ड्राई फ्रूट्स, मिठाई, मावा, रिफाइन तेल शामिल है। त्योहार के सीजन में मिलावटखोरों की तादाद बढ़ जाती है. दूध, पनीर, तेल, मिठाई व अन्य चीजों की डिमांड अधिक होती है। शहर में डेढ़ करोड़ से अधिक लोग रहते है, ऐसे में त्योहार आते ही खाद्य पदार्थ की मांग बाजार में बढ़ जाती है। डेयरी, मिठाई की दुकान, किराने की दुकान हर जगह मिलावटी सामान पहुंचता है।
एफडीए अधिकारियों के अनुसार अगस्त से 15 अक्टूबर के दौरान शहर भर के 324 दुकानों में छापेमारी की। इनमें से 299 दुकानों से सैंपल लिया गया। लिए गए सैंपल में खोआ, दूध, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स, वरई व मिठाई सहित अन्य खाने की चीज शामिल थी। सैंपल की जांच करने के बाद 195 दुकानदारों को अपने खाद्य पदार्थ में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा 8 दुकानदारों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।





