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Mumbai : 80 किमी दूर गर्भवती महिला को कपड़े की स्लिंग से पहुंचाया अस्पताल

Raigarh रायगढ़ : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से महज 80 किलोमीटर दूर एक गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रायगढ़ जिले के खालापुर तालुका के उंबराने वाडी में सड़क की खराब स्थिति के कारण एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को कपड़े से बनाई गई अस्थायी स्लिंग का सहारा लेना पड़ा।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और खराब बुनियादी ढांचे की समस्या को उजागर करती है। हैरानी की बात यह है कि यह इलाका मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के खालापुर टोल प्लाजा से कुछ ही दूरी पर स्थित है, फिर भी यहां रहने वाले लोगों को आपात स्थिति में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, उंबराने वाडी में रहने वाली एक गर्भवती महिला को अचानक अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी। परिजनों और ग्रामीणों ने एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की, लेकिन गांव तक पहुंचने वाली सड़क की हालत इतनी खराब थी कि वाहन का पहुंचना संभव नहीं था।
इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर महिला को अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। उन्होंने कपड़े से एक अस्थायी स्लिंग तैयार की और उसमें महिला को बैठाकर पैदल रास्ते से बाहर तक ले गए, जहां से उसे आगे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है। कच्चे और खराब रास्तों के कारण न केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत होती है, बल्कि रोजमर्रा के कामों के लिए भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उंबराने वाडी जैसे कई गांवों में बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत है। उनका कहना है कि मुंबई जैसे बड़े शहर के इतने करीब होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की कमी चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव तक पक्की सड़क बनाई जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहन आसानी से पहुंच सकें। उनका कहना है कि गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए सड़क सुविधा बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में केवल अस्पतालों की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि मरीजों को समय पर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए बेहतर परिवहन और सड़क नेटवर्क भी जरूरी होता है। खासकर प्रसव जैसी आपात स्थितियों में कुछ मिनटों की देरी भी गंभीर परिणाम दे सकती है।
महाराष्ट्र में कई दूरदराज इलाकों में खराब सड़क और परिवहन सुविधाओं के कारण लोगों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन कई स्थानों पर अभी भी इनका पूरा लाभ नहीं पहुंच पाया है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब मुंबई महानगर क्षेत्र के आसपास तेजी से विकास और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसके बावजूद कुछ गांवों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव विकास की असमान तस्वीर पेश करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण का मुद्दा कई बार प्रशासन के सामने उठाया गया, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन मदद तक पहुंच में मुश्किल बनी रहेगी।
फिलहाल इस घटना ने प्रशासन का ध्यान एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की ओर खींचा है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही सड़क निर्माण और बेहतर संपर्क व्यवस्था के लिए कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी मरीज या गर्भवती महिला को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।





