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करोड़पति बीजेपी विधायक पराग शाह भिखारी के भेष में घाटकोपर की सड़कों पर घूमे, बोले- मिली जिंदगी की असलियत की झलक

मुंबई। महाराष्ट्र के सबसे अमीर विधायकों में शामिल भाजपा विधायक पराग शाह का एक अलग अंदाज इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। घाटकोपर ईस्ट से विधायक पराग शाह ने हाल ही में अपनी सुरक्षा, सरकारी सुविधाओं, गाड़ी और महंगी जीवनशैली से दूरी बनाते हुए कई घंटों तक घाटकोपर की सड़कों पर भिखारी के भेष में घूमकर लोगों से भीख मांगी। इस दौरान उन्होंने ऐसा मेकअप कराया था, जिससे लोग उन्हें पहचान न सकें।
विधायक के इस अनोखे प्रयोग की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। आमतौर पर महंगी गाड़ियों, सुरक्षा घेरे और राजनीतिक गतिविधियों के बीच नजर आने वाले पराग शाह का भिखारी के रूप में सड़क पर घूमना लोगों के लिए हैरान करने वाला अनुभव रहा। खुद विधायक ने इस अनुभव को जीवन की वास्तविकता को करीब से समझने का एक प्रयास बताया।
आध्यात्मिक गुरु की सलाह पर उठाया कदम
₹5,000+ crore MLA seen begging on Mumbai streets! 😲
— Neetu Khandelwal (@T_Investor_) September 15, 2026
Ghatkopar MLA Parag Shah was seen begging on the streets in a video that has gone viral on social media.
▪️Shah is among India’s richest MLAs, with assets reportedly worth over ₹5,000 crore.
▪️The unusual act was… pic.twitter.com/RGjSRWYl3O
बताया गया कि पराग शाह ने यह प्रयोग जैन धर्म के विशेष धार्मिक समय के दौरान किया। उन्होंने जैन आध्यात्मिक गुरु नम्रमुनि की सलाह पर कुछ समय के लिए अपने सामान्य जीवन से पूरी तरह अलग अनुभव लेने का निर्णय लिया।
इस दौरान उन्होंने अपना हुलिया बदलने के लिए विशेष मेकअप कराया। चेहरे और पहनावे में इस तरह बदलाव किया गया कि सड़क पर मौजूद लोग उन्हें पहचान न सकें। इसके बाद वह घाटकोपर ईस्ट की सड़कों पर निकले और भिखारी के रूप में लोगों से भीख मांगी।
विधायक के मुताबिक, इस अनुभव का उद्देश्य केवल अलग तरह का काम करना नहीं था, बल्कि आम आदमी और खासकर उन लोगों की जिंदगी को करीब से महसूस करना था, जो रोजाना दूसरों के सामने हाथ फैलाकर अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए मजबूर होते हैं।
सुरक्षा और सुविधाओं से बनाई दूरी
इस प्रयोग के दौरान पराग शाह ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और सामान्य राजनीतिक पहचान से दूरी बनाए रखी। वह अपनी महंगी गाड़ी और सुरक्षा घेरे के बिना आम व्यक्ति की तरह सड़कों पर घूमे।
कई घंटों तक उन्होंने घाटकोपर इलाके में लोगों के बीच रहकर यह अनुभव हासिल किया। उनके इस कदम की सबसे खास बात यह रही कि जिन लोगों से वह भीख मांग रहे थे, उनमें से अधिकांश को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके सामने खड़ा व्यक्ति वास्तव में इलाके का विधायक है।
शाह ने इस अनुभव के जरिए यह समझने की कोशिश की कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए रोजमर्रा की जिंदगी किस तरह की चुनौतियों से भरी होती है। उनके मुताबिक, कुछ घंटों का यह अनुभव उनके लिए काफी भावुक और सोचने वाला रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें
भिखारी के भेष में पराग शाह की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। तस्वीरों में वह बदले हुए हुलिए में नजर आ रहे हैं। कई लोगों ने उनके इस प्रयोग को अनोखा बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़कर देखा।
वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने राजनीतिक नेताओं के इस तरह के प्रयोगों को लेकर अलग-अलग राय भी व्यक्त की। हालांकि विधायक की ओर से इसे किसी राजनीतिक प्रचार के तौर पर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और व्यक्तिगत अनुभव के रूप में देखा गया है।
'जिंदगी की असलियत' को करीब से देखने का दावा
पराग शाह ने इस अनुभव के बाद कहा कि कुछ घंटों तक भिखारी के रूप में सड़क पर रहने से उन्हें जिंदगी की असलियत को समझने का मौका मिला। उनका कहना है कि आम तौर पर लोग अपनी रोजमर्रा की सुविधाओं के बीच जीवन की उन कठिनाइयों को महसूस नहीं कर पाते, जिनसे समाज का एक बड़ा वर्ग गुजरता है।
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति लोगों के सामने हाथ फैलाकर मदद मांगता है तो उसके लिए यह स्थिति कितनी कठिन होती है, इसका वास्तविक एहसास इस अनुभव के दौरान हुआ। विधायक के अनुसार, भिखारी के भेष में सड़क पर घूमना उनके लिए आत्ममंथन का भी अवसर रहा।
अमीरी और सादगी के बीच अलग अनुभव
पराग शाह का नाम महाराष्ट्र के संपन्न विधायकों में लिया जाता है। ऐसे में उनके द्वारा कुछ घंटों के लिए अपनी सामान्य जीवनशैली से पूरी तरह अलग होकर सड़क पर भिखारी का रूप धारण करना चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक जीवन में आमतौर पर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में लोगों से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए जाते हैं, लेकिन शाह ने लोगों के बीच पहुंचने का बिल्कुल अलग तरीका अपनाया। उन्होंने खुद को आम लोगों की नजरों से छिपाकर उस वर्ग के जीवन को महसूस करने की कोशिश की, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहता है।
धार्मिक अनुभव से जोड़कर देखा कदम
जैन धर्म के विशेष धार्मिक समय में आध्यात्मिक गुरु की सलाह पर उठाया गया यह कदम विधायक के लिए धार्मिक और आत्मिक अनुभव से भी जुड़ा रहा। इस दौरान सादगी, त्याग और आत्ममंथन जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया।
शाह का यह प्रयोग अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है। उनकी तस्वीरों को देखकर कई लोग हैरान हैं कि करोड़ों की संपत्ति वाले एक विधायक ने कुछ घंटों के लिए अपनी पहचान, सुरक्षा और सुविधाओं को पीछे छोड़कर भिखारी की भूमिका क्यों अपनाई।
हालांकि विधायक के अनुसार इसका मकसद किसी को प्रभावित करना नहीं था। वह केवल यह अनुभव करना चाहते थे कि सुविधाओं से दूर रहकर जीवन कैसा महसूस होता है और जरूरतमंद लोगों की परिस्थितियों को किस हद तक समझा जा सकता है।
पराग शाह का यह अनोखा प्रयोग अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। कुछ लोग इसे आत्ममंथन और आध्यात्मिक अनुभव मान रहे हैं तो कुछ इसे जनप्रतिनिधि के लिए समाज के अलग वर्ग को समझने का प्रयास बता रहे हैं। फिलहाल भिखारी के भेष में उनकी तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही हैं।





