- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मोशी वेस्ट-टू-एनर्जी...
मोशी वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट हादसा: तीसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Maharashtra महाराष्ट्र: पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में तीन मंजिला इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान तीसरे दिन भी जारी है। हादसे के बाद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), सेना, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC), पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMRDA) की फायर सर्विस, पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार दोपहर हुए इस हादसे में कचरे का भारी ढेर अचानक तीन मंजिला इमारत पर गिर गया था। इस दौरान वहां काम कर रहे करीब 18 मजदूर मलबे में दब गए थे। हादसे के तुरंत बाद बचाव दलों ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया।
अब तक 10 लोगों को निकाला गया
Moshi Building Collapse: Rescue Operation Enters 3rd Day; 8 Still Trapped, But Survival Chances Negligible
— Free Press Journal (@fpjindia) July 10, 2026
🔗 https://t.co/sPXboGVmX2#Pune | #PuneNews | #FPJ pic.twitter.com/Z1k4f4aK63
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान हादसे के कुछ घंटों के भीतर मलबे से सात मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद आधी रात के बाद दो और लोगों को बचाया गया।
गुरुवार सुबह बचाव टीमों को मलबे से एक शव मिला। इसके बाद अब तक कुल आठ मजदूरों के मलबे में फंसे होने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों का कहना है कि मलबा काफी भारी है और अंदर तक पहुंचने में बचाव टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार सावधानी के साथ मलबा हटाया जा रहा है ताकि अंदर फंसे लोगों को नुकसान न पहुंचे।
बड़े पैमाने पर चल रहा बचाव अभियान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए कई एजेंसियों को राहत कार्य में लगाया गया है। NDRF और सेना के जवान आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे की तलाशी कर रहे हैं।
रेस्क्यू टीमों ने खोजी उपकरणों और मशीनों के जरिए संभावित स्थानों की पहचान करने की कोशिश की है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और हर संभव प्रयास कर रही हैं।
मलबे की स्थिति बनी चुनौती
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में गिरा मलबा काफी ज्यादा है, जिसके कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कचरे का वजन और इमारत के टूटे हिस्सों की स्थिति के कारण मशीनों के इस्तेमाल में भी सावधानी बरती जा रही है।
बचावकर्मी छोटे-छोटे हिस्सों में मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
परिवारों में चिंता का माहौल
मलबे में फंसे मजदूरों के परिवारों में चिंता का माहौल है। परिजन घटनास्थल पर मौजूद हैं और अपने लोगों के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही गई है।
बचाव अभियान जारी
अधिकारियों ने बताया कि जब तक सभी फंसे लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। हालांकि, मलबे में लंबे समय से फंसे मजदूरों को लेकर चिंता बढ़ रही है।
बचाव टीमों का कहना है कि वे पूरी सतर्कता और तेजी के साथ काम कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
मोशी वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट हादसा फिलहाल पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र की सबसे बड़ी दुर्घटनाओं में से एक बना हुआ है, जहां कई एजेंसियां मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।





